पंचकूला । हरियाणा में चल रहे लॉकडाउन के दौरान आमजन को बेवजह घर से बाहर ना निकलना पड़े, इसके लिए सरकार ने जरूरत की सभी चीजों की सप्लाई घर पर ही करने का निर्णय लिया है. इसके लिए वालंटियर्स का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा और उन्हें मूवमेंट पास जारी किए जाएंगे. इसकी मदद से वो डोर- टू -डोर राशन वितरित कर सकेंगे. डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कोरोना संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिए लोगों का अपने घरों में रहना बेहद जरूरी है. सरकार द्वारा भी संक्रमण रोकने के भरसक प्रयत्न किए जा रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने बताया कि गुरुग्राम , फरीदाबाद और जीटी बेल्ट सोनीपत से लेकर अंबाला तक के हॉस्पिटल में करीब 30 फीसदी मरीज दिल्ली और यूपी से हैं. इसके बावजूद सरकार बिना किसी भेदभाव के तमाम मरीजों का इलाज कर रही है. ऑक्सीजन को लेकर पुछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास आक्सीजन की आपूर्ति पर्याप्त है. लेकिन सिलेंडर की रीफिलिंग व स्टोरेज की वजह से दिक्कत आ रही है. बुधवार को 100 टन आक्सीजन उड़ीसा राज्य से मिली है,जिसका वितरण निर्धारित कोटे के हिसाब से हर जिले में किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने बताया कि एमएसएमई प्लांटों के जरिए औधोगिक आक्सीजन को मेडिकल आक्सीजन में ट्रांसफर किया जा रहा है. वहीं पीएसए तकनीक के तहत भी चार प्लांट चालू किए गए हैं. जिला लेवल पर आक्सीजन की समस्या से निजात पाने के लिए 13 जिलों में 22 रीफिलिंग प्वाइंट बनाएं गए हैं. प्रत्येक हस्पताल का आक्सीजन कोटा निर्धारित करने के लिए प्रदेश स्तर पर राज्य निगरानी कमेटी बनाई गई है.सभी जिला उपायुक्त को निर्देश दिए गए हैं कि एमरजेंसी के लिए अपने पास 15-20 सिलेंडर का कोटा रखें ताकि कभी भी जरुरत के समय इसका उपयोग किया जा सके.
