फरीदाबाद | नगर निगम की जनसुनवाई में लगातार मिल रही शिकायतों और उनके समाधान में हो रही देरी को लेकर नगर निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई से जुड़ी शिकायतों की प्रगति रिपोर्ट और समाधान रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत की जाए. साथ ही, चेतावनी दी है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि नगर निगम द्वारा नियमित रूप से जनसुनवाई शिविर आयोजित किए जा रहे हैं जहां नागरिक अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर पहुंचते हैं.

कई मामलों में शिकायतें दर्ज तो कर ली जाती हैं लेकिन उनका समय पर समाधान नहीं हो पाता. इससे लोगों को बार-बार निगम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं और उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
फरीदाबाद नगर निगम
इसी स्थिति को देखते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने पास लंबित शिकायतों का पूरा ब्यौरा तैयार करें और अगले सोमवार तक रिपोर्ट जमा करें. रिपोर्ट में यह स्पष्ट करना होगा कि कितनी शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है, कितनी शिकायतों पर काम चल रहा है और कितने मामले अभी लंबित हैं. कमिश्नर का कहना है कि इस प्रक्रिया से यह भी पता चल सकेगा कि कौन सा अधिकारी या कर्मचारी लंबे समय से शिकायतों को लंबित रखे हुए है. साथ ही, यह भी समीक्षा की जाएगी कि जिन मामलों का समाधान किया गया है उनमें शिकायतकर्ता समाधान से कितना संतुष्ट है. इसके आधार पर अधिकारियों की कार्यशैली और जवाबदेही का आकलन किया जाएगा.
कार्रवाई की चेतावनी
धीरेंद्र खड़गटा ने स्पष्ट कहा कि यदि रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
नगर निगम में शिकायतों के समाधान में देरी का असर आम लोगों पर साफ दिखाई दे रहा है. संजय कॉलोनी निवासी शीशपाल पिछले दो वर्षों से अपने मकान की आईडी ठक कराने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं. उनका आरोप है कि निगम की ओर से उनके मकान की पांच अलग-अलग आईडी बना दी गई हैं, लेकिन समस्या का समाधान अब तक नहीं हुआ.
अधिकारियों को अल्टीमेटम
इसी तरह एनआईटी निवासी अनिल पानी के बिल में सुधार कराने के लिए कई दिनों से निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं. वहीं, एसजीएम नगर के रहने वाले नारायण क्षेत्र में खराब पड़े ट्यूबवेल को ठीक कराने के लिए 3 बार जनसुनवाई में शिकायत दर्ज करा चुके हैं लेकिन समस्या अभी तक जस की तस बनी हुई है. नई समीक्षा व्यवस्था लागू होने के बाद शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी और लोगों को राहत मिलेगी. साथ ही, अधिकारियों की जवाबदेही तय होने से लंबित मामलों की संख्या भी कम होने की उम्मीद है.