फतेहाबाद | हरियाणा सरकार (Haryana Govt) की प्रोत्साहन नीति की बदौलत आज सूबे के किसान परम्परागत खेती का मोह त्याग कर ऑर्गेनिक और बागवानी खेती को बढ़ावा दे रहे हैं. इसी कड़ी में फतेहाबाद जिले के गांव ढांड निवासी किसान मुकेश रेतीली जमीन पर 3 एकड़ में अंजीर का बाग लगाकर आज लाखों रूपए सालाना कमाई कर रहे हैं.
HAU से लिया प्रशिक्षण
किसान मुकेश ने बताया कि गांव में जमीन रेतीली थी. ऐसे में यहां दूसरी फसलों गेहूं, धान आदि का उत्पादन ज्यादा नहीं हो पाता था. साल 2007 में बीए करने के बाद से पारंपरिक खेती कर रहे थे, जिसमें ज्यादा बचत नहीं थी. इसके बाद, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से अंजीर लगाने का प्रशिक्षण हासिल किया.
अंजीर की खेती को इसलिए चुना क्योंकि यह बाग में एक साल के बाद ही फल देना शुरू कर देता है. मुकेश न्यू कृषिधन फूड एंड बैवरेज के नाम से अंजीर के उत्पाद तैयार करते हैं. उन्होंने NH-9 पर आने वाले गांव खाराखेड़ी में जूस, अचार आदि बनाने की फैक्ट्री लगाई हुई है. अंजीर के साथ अश्वगंधा और अर्जुन की छाल के अर्क से जूस तैयार किया जाता है. यह जूस दिल की बीमारी या जिसकी नसें ब्लॉक हैं, उनके लिए बेहद लाभकारी है.
अंजीर की प्रोसेसिंग से बढ़िया कमाई
मुकेश बताते हैं कि अंजीर को सीधे मंडी में बेचने से ज्यादा लाभ प्रोसेसिंग कर बेचने में है. वैसे भी हरियाणा में अंजीर का बाजार कम है. अंजीर के जूस के अलावा दूसरे प्रोडक्ट भी तैयार किए जाते हैं, जिससे यह जल्दी खराब नहीं होते. इम्यूनिटी बढ़ाने और बीपी के मरीजों के लिए अंजीर का जूस बेहद लाभकारी है. अंजीर का जूस, चिटनी और मुरब्बा जैसे प्रोडेक्ट्स की दिल्ली तक सप्लाई होती है, जिससे बढ़िया कमाई हो रही है.
अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत
मुकेश ने किसान उत्पादक संगठन तैयार किया है, जिसमें 91 किसान जुड़ चुके हैं. अभी मुकेश के साथ ढांड और आसपास के गांव के युवकों ने भी अंजीर की बागवानी शुरू की हैं जिससे उन्हें लाभ हो रहा है. हाल ही में उन्हें HAU में आयोजित किसान दिवस समारोह में प्रगतिशील किसान के सम्मान से नवाजा गया था. यदि आप भी प्रगतिशील किसान मुकेश के उत्पादों से जुड़ी कोई जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो मोबाइल नंबर 9992230645 पर कॉल कर सकते हैं.
