गुरुग्राम | प्रस्तावित रैपिड रेल का कास्टिंग यार्ड बनाने के लिए फाइनल जगह चयनित कर ली गई है. दिल्ली- जयपुर एक्सप्रेसवे (NH-48) पर स्थित MCD टोल के पास यह यार्ड बनेगा और इसके लिए नैशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NCRTC) ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) अधिकारियों को पत्र जमीन उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया है.
NCRTC के चीफ प्रॉजेक्ट मैनेजर केके गुप्ता के इस पत्र के मुताबिक, MCD टोल के पास पर्यटन विभाग, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर और HSVP की 88130 वर्ग मीटर जमीन है. इसमें से 18092 वर्ग मीटर जमीन का मालिकाना हक एचएसवीपी के पास है. इस पत्र में कहा गया है कि हरियाणा सरकार की एचएमआरटीसी विंग ने 22 फरवरी 2019 को रैपिड रेल की DPR को मंजूरी प्रदान की है.
5 साल के लिए चाहिए जमीन
बता दें कि 6 जनवरी 2020 को सीएम मनोहर लाल के नेतृत्व में हुई एक बैठक में रैपिड रेल के निर्माण को लेकर जमीन निशुल्क प्रदान करने की बात कही गई थी. पत्र में कहा है कि दिल्ली- गुरुग्राम बॉर्डर पर गांव डूंडाहेड़ा में कास्टिंग यार्ड निर्माण को लेकर 5 साल के लिए जमीन की आवश्यकता है.
रैपिड रेल के रूट में बदलाव
NCRTC के एक अधिकारी ने बताया कि पहले रैपिड रेल का रूट दिल्ली के कापसहेड़ा से ओल्ड दिल्ली रोड़ के अतुल कटारिया चौक, महाराणा प्रताप चौक होते हुए सिग्नेचर टावर तक प्रस्तावित किया गया था लेकिन अब रूट में बदलाव किया गया है. अब रैपिड रेल का नया रूट NH-48 के साथ- साथ होगा. पहले कास्टिंग यार्ड ओल्ड दिल्ली रोड़ पर बनाने की योजना बनाई गई थी लेकिन अब इस रूट पर रैपिड रेल नही जाएगी तो NH-48 पर MCD टोल के पास जमीन की आवश्यकता होगी.
