गुरुग्राम | हरियाणा में अमृत सरोवर योजना के तहत, राज्य के हर जिले में 75 से ज्यादा तालाब बनाए जाएंगे. 30 जून तक पूरे प्रदेश में 2,796 अमृत सरोवर बनने हैं. हरियाणा के मुख्य सचिव सोमवार को सोहना प्रखंड के हरिया खेड़ा गांव डोला में बन रहे अमृतसर सरोवर का निरीक्षण करने पहुंचे थे. यहां उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए अमृत सरोवर योजना की जानकारी दी.
इस मौके पर मुख्य सचिव ने कहा कि इस कार्यक्रम में जनभागीदारी बहुत जरूरी है. यह योजना तब तक सफल नहीं होगी जब तक उपयोगकर्ता निकाय नहीं बन जाते. साथ ही, उन्होंने बताया कि प्रत्येक गांव में बनने वाले जस सरोवर का नाम गांव के वीर शहीदों के नाम पर रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार राज्य के भूजल स्तर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. जिससे जगह- जगह अमृत सरोवर बन रहा है. प्रदेश में अब तक 55 फीसदी काम पूरा हो चुका है.
गांव के पढ़े- लिखे लोग करें सहयोग
मुख्य सचिव ने बताया कि अमृत सरोवर से किसानों को खेती में लाभ होगा. वहां जानवरों को पानी मिलेगा. आज के समय में सरकार तकनीक और पैसा लगाकर इन झीलों को बना रही है. सरकार की कोशिश है कि अच्छी विचारधारा वाले लोग इस योजना से जुड़ें ताकि आने वाले समय में गांव के लोग इसका इस्तेमाल कर सके. कहा कि गांव का कोई इंजीनियर या सेवानिवृत्त अधिकारी भी इसमें सहयोग करे.
हरियाणा के मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने सोमवार को गुरुग्राम जिला में अमृत सरोवर कार्यक्रम के तहत गांव हरियाहेड़ा व दोहला में विकसित किए गए तालाबों का निरीक्षण किया। #AmritSarovar #Gurugram #Haryana pic.twitter.com/TrnyzdNiXk
— DIPRO Gurugram (@diprogurugram1) February 27, 2023
तालाबों पर नहीं चलेगा अतिक्रमण
मुख्य सचिव ने सख्ती से कहा कि जोहड़ और तालाबों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो. इस मौके पर गंगाजल के प्रोजेक्ट चेयरमैन ने कहा कि हरियाणा के ज्यादातर गांव बोरवेल के पानी पर निर्भर हैं. इसके चलते अमृत सरोवर पर काम किया जा रहा है. कुछ समय पहले ये जोहड़ गंदे नालों में तब्दील हो गए थे, जिनकी अब मरम्मत की जा रही है. इस योजना के तहत, शोधित जल को इन तालाबों में ले जाया जाता है जिससे गांव का जल स्तर बढ़ जाता है.
