हांसी | भाखड़ा के पानी को लेकर चल रहा विवाद सोमवार देर रात एक बार फिर गर्मा गया. चैनत गांव में प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पाइपलाइन पर लगाए गए टी- पॉइंट को हटाने की कार्रवाई की, जिसके बाद ग्रामीणों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई. कार्रवाई के दौरान जिला उपायुक्त राहुल नरवाल और पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार भी मौके पर मौजूद रहे. जानकारी के अनुसार, रात करीब डेढ़ बजे प्रशासनिक टीम जेसीबी और हाइड्रा मशीनों के साथ गांव पहुंची.

अधिकारियों ने पाइपलाइन पर लगाए गए टी- पॉइंट को हटाने का काम शुरू किया. इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे. देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस तथा ग्रामीण आमने- सामने आ गए.
छोड़े आंसू गैस
भीड़ बढ़ने और स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. इसके बाद, लाठीचार्ज भी किया गया. हंगामे के दौरान बास थाना में तैनात एएसआई प्रीतम सिंह घायल हो गए. उनके सिर में चोट लगने के बाद उन्हें तुरंत हांसी के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालात पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया. ग्रामीणों का कहना था कि सरकार पहले ही उनकी मांगों को स्वीकार कर चुकी है और इसी आधार पर पाइपलाइन पर टी-पॉइंट लगाया गया था. सरपंच प्रतिनिधि हिमांशु ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं को भी चोटें आई हैं. उन्होंने किसी घायल महिला का नाम या संख्या स्पष्ट नहीं बताई.
मनाया था जश्न
तीन दिन पहले चैनत गांव में ग्रामीणों ने अपनी मांगें मान लिए जाने का दावा करते हुए जश्न मनाया था. उस दौरान गांव में थालियां बजाकर खुशी व्यक्त की गई थी. ग्रामीणों का कहना था कि सरकार की सहमति के बाद ही टी- पॉइंट लगाने का काम शुरू किया गया था. 20 जून को सरपंच एसोसिएशन के पूर्व प्रधान सोमेश कुमार धरनास्थल पर पहुंचे थे. उन्होंने खुद को सरकार का प्रतिनिधि बताते हुए ग्रामीणों से कहा था कि उनकी सभी मांगें स्वीकार कर ली गई हैं. उन्होंने यह भी दावा किया था कि टी- पॉइंट को पाइपलाइन से जोड़ने का काम शुरू हो चुका है. इसके बाद, धरनास्थल पर इसकी घोषणा की गई और आमरण अनशन पर बैठे 5 बुजुर्गों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया.
पुलिस बल तैनात
सोमवार रात प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को स्पष्ट रूप से बताया कि सरकार और ग्रामीणों के बीच इस संबंध में कोई आधिकारिक सहमति या समझौता नहीं हुआ है. इसके बाद, विरोध के बीच प्रशासन ने टी- पॉइंट को हटाकर अपने कब्जे में ले लिया. विवाद के बाद मंगलवार को सोमेश कुमार से उनके दावों को लेकर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला. गांव में स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है.