GJU यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर पर प्लेगेरिज्म का आरोप, UGC कराएगी जांच

हिसार | जिले की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) के धार्मिक अध्धयन संस्थान के प्रोफ़ेसर किशना राम बिश्नोई के विरुद्ध साहित्यिक चोरी यानी प्लेगेरिज्म और स्वयं साहित्यिक चोरी यानी सेल्स प्लेगेरिज्म (खुद के साहित्य को बार बार अलग-अलग किताबों में छापना) के आरोप लगाए गए हैं और UGC के पास शिकायत दर्ज की गई है. मामले की शिकायत मिलते ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने GJU यूनिवर्सिटी प्रशासन को मामले की गंभीरता से जांच करने के आदेश दिए हैं. गैर तलब प्रोफेसर किशना राम ने उक्त सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है.

Guru Jambheswar University GJU Hisar

प्रोफेसर पर लगाये गए आरोप

यूजीसी के पास जो शिकायत पहुंची है उसके अनुसार प्रोफेसर किशना राम पर यह आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने खुद के द्वारा लिखें हुए कई भागों को खुद की ही लिखी हुई कई किताबों में बार-बार छापा है. इससे ही उनकी किताबों की संख्या बढ़ती चली गई हैं. बताया जा रहा है कि प्रोफेसर किशना राम ने साल 2005 में अपनी एक पुस्तक “भारतीय धर्म साधना” का एक भाग “गुरु जंभेश्वर का स्थान” नाम से प्रकाशित किया था.

फिर वर्ष 2006 में ही निहाल सिंह जोहर के साथ मिलकर उन्होंने एक और किताब प्रकाशित की और इस किताब में उन्होंने अपनी पहले वाली पुस्तक के बहुत सारे अंश हुबहू छपवा दिए. इतना ही नहीं, वर्ष 2015 में भी उन्होंने स्वयं के द्वारा लिखी गई एक किताब मैं सिर्फ टाइटल बदल कर पहले वाले लेखों को ही छपवा दिया. साथ ही उन्होंने यूनिवर्सिटी के एक अन्य प्रोफेसर के द्वारा लिखे गए एक लेख को भी अपनी किताब में अपने नाम से छपवा दिया था.

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प्रोफेसर किशना राम का अपनी सफाई में तर्क

प्रो० किशना राम ने कहा है कि मुझ पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं. मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया है जिससे मुझ पर प्लेगेरिज्म यानी साहित्य चोरी जैसे आरोप लगाए जा सके. मैं जांच का पूरा सहयोग करता हूं और जांच में सभी बातें अपने आप साफ हो जाएगी. यह सब सिर्फ और सिर्फ मेरी छवि को धूमिल करने के लिए किया जा रहा है.

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Sahil Maurya
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