ज्योतिष | शनि देव को न्याय फलदाता और कर्म फलदाता के नाम से जाना जाता है. वह व्यक्ति को उनके कर्मों के हिसाब से फल देने के लिए जाने जाते हैं, शनि देव सबसे धीमी गति से चाल चलते हैं. ऐसे में उन्हें दोबारा से उसी राशि में प्रवेश करने में 30 सालों का समय लग जाता है. शनि ग्रह को दुख, परिश्रम, रुकावट, रोग, दोष विरोध में आदि का कारक ग्रह माना जाता है.
जिन राशि के जातक पर परेशानी मेहरबान होते हैं, उन्हें रंक से राजा बनने में भी ज्यादा समय नहीं लगता. जब भी शनि चाल में बदलाव करते है तो इसका प्रभाव लगभग सभी 12 राशि के जातकों पर दिखाई देता है. हम आपको शनि की 3 पसंदीदा राशियों के बारे में जानकारी देंगे.
शनि देव की पसंदीदा राशि
वृषभ राशि: इस राशि के जातकों पर शनि की विशेष कृपा रहने वाली है, शनि की स्थिति के बदलाव का प्रभाव भी इस राशि के जातकों पर दिखाई देगा. जीवन में आपको कई प्रकार की समस्याएं आ रही थी, अब वह दूर हो जाएगी. सुख- समृद्धि की प्राप्ति होगी. मेहनत करने वाले लोगों को भी फल मिलता हुआ दिखाई दे रहा है, आप अपनी मेहनत के दम पर उच्च पद हासिल कर सकते हैं.
तुला राशि: शनि की पसंदीदा राशियों में यह राशि शामिल है, इसे शनि की उच्च राशि भी माना जाता है. शनि देव की कृपा हमेशा ही इन राशि के जातकों पर बनी रहती है. इस राशि के लोग परिश्रमी अनुशासित और ईमानदार स्वभाव के होते हैं. ऐसे में शनि देव इनसे काफी प्रसन्न होते हैं. जीवन में निरंतर प्रगति भी करते हैं, सुख- समृद्धि और मानसिक शांति इस राशि के जातकों को प्राप्त होती है
मकर राशि: इस राशि के जातकों के लिए शनि का राशि परिवर्तन काफी अच्छा साबित होता है, यह शनि की पसंदीदा राशियों में शुमार है. आप धैर्य से काम लें, आपको सभी कामों में सफलता मिलती हुई दिखाई देगी. कठिन परिश्रम करने पर आप बड़ा लक्ष्य हासिल कर पाएंगे, आपकी आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होगी. कुल मिलाकर शनि देव की विशेष कृपा आप पर बनी रहेगी.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
