ज्योतिष | वैदिक पंचांग के अनुसार, साल में 4 बार नवरात्रि आते हैं जिसमें एक शारदीय और एक चैत्र नवरात्रि और दो गुप्त नवरात्रि शामिल है. जल्द ही, शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होने वाली है. अबकी बार इसको लेकर लोगों के बीच काफी कंफ्यूजन बना हुआ है कि शारदे नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर से होगी या 23 सितंबर से… आज हम आपको इसी के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले हैं.
जल्द शुरू होंगे शारदीय नवरात्रि
नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा अर्चना करने का विधान है. 22 सितंबर से अबकी बार नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. इस दौरान विधि- विधान तरीके से पूजा अर्चना करने से आपके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. कहा जाता है कि जो व्यक्ति व्रत रखकर मां दुर्गा की पूजा अर्चना करता है, उसके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं और मां दुर्गा की पूजा करने से नवग्रह भी शांत हो जाते है. अगर आप भी मां दुर्गा को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो आपको विधि- विधान तरीके से 9 दिन व्रत करने चाहिए.
कलश स्थापना का शुभ मुहर्त
शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि 22 सितंबर को देर रात 1:24 मिनट पर शुरू होगी, जो 23 सितंबर को देर रात 2:55 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसी मे शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू हो रहे है. कलश स्थापना करने के लिए भी शुभ मुहूर्त सुबह 6:08 से 8:07 मिनट तक रहने वाला है. इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त 11:49 से दोपहर 12:37 मिनट तक रहेगा. इन दोनों ही मुहूर्त में आप कलश की स्थापना कर सकते हैं.
इस दिन से शुरू शारदीय नवरात्रि
| तारीख | वार | तिथि | देवी रूप | विशेष |
| 22 सितंबर | सोमवार | प्रतिपदा | मां शैलपुत्री | कलश स्थापना |
| 23 सितंबर | मंगलवार | द्वितीया | मां ब्रह्मचारिणी | – |
| 24 सितंबर | बुधवार | तृतीया | मां चंद्रघंटा | – |
| 26 सितंबर | गुरुवार | चतुर्थी | मां कूष्मांडा | – |
| 27 सितंबर | शुक्रवार | पंचमी | मां स्कंदमाता | – |
| 28 सितंबर | शनिवार | षष्ठी | मां कात्यायनी | महा षष्ठी |
| 29 सितंबर | रविवार | सप्तमी | मां कालरात्रि | महा सप्तमी |
| 30 सितंबर | मंगलवार | अष्टमी | मां महागौरी | महा अष्टमी |
| 1 अक्टूबर | बुधवार | नवमी | मां सिद्धिदात्री | महा नवमी, कन्या पूजन |
| 2 अक्टूबर | गुरुवार | विजयादशमी | – | माता का विसर्जन, मनुष्य की सवारी पर प्रस्थान |
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
