करनाल | हरियाणा के करनाल जिले के ऑलराउंडर अंशुल कंबोज को वर्तमान में इंग्लैंड में चल रही पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए शामिल किया गया है. वर्तमान में वह इंग्लैंड में ही हैं. इंडियन प्रीमियर लीग और रणजी ट्रॉफी में अपनी गेंदबाजी का जबरदस्त हुनर दिखा चुके अंशुल टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले इंडिया ए टीम का हिस्सा रहे हैं, जो इंग्लैंड लॉयंस क्लब के साथ दो अनौपचारिक टेस्ट खेल चुके हैं. यहां भी उनका प्रदर्शन काबिले तारीफ रहा. उन्होंने पांच विकेट लिए और अर्धशतक बनाकर बल्ले से भी कमाल दिखाया.
चौथे टेस्ट में मिल सकता है मौका
ऐसा माना जा रहा है कि तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और आकाशदीप सिंह के अनफिट होने के कारण और अपने शानदार प्रदर्शन के चलते अंशुल कंबोज को 23 जुलाई से शुरू हो रहे चौथे टेस्ट मैच में मौका दिया जा सकता है. अंशुल ने यह कामयाबी यूं ही नहीं पाई. एक समय ऐसा भी था जब वह क्रिकेट की कोचिंग लेने के लिए 8 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचते थे.
11 साल की उम्र से क्रिकेट में शुरूआत
महज 11 साल की उम्र में क्रिकेट पिच पर कदम रखने वाले अंशुल के पिता उधम सिंह एक किसान हैं और खुद भी क्रिकेट में रुचि रखते हैं. उन्होंने बेटे में क्रिकेट के प्रति जुनून देखकर उसे करनाल के कोच सतीश राणा की अकादमी में दाखिला दिलाया. यहां रहकर अंशुल ने क्रिकेट की बारीकियां सीखीं. कोच सतीश राणा ने बताया कि अंशुल ने कभी भी प्रैक्टिस में लापरवाही नहीं की. वह एक बेहतरीन ऑलराउंडर हैं.
आईपीएल और रणजी में दिखा चुके हैं प्रतिभा
शुरुआत में अंशुल को फाजिलपुर गांव से हर रोज करनाल आना होता था. गांव से इंद्री बस स्टैंड की दूरी 8 किलोमीटर है. वह कई बार पैदल चलकर बस स्टैंड तक पहुंचते थे, जिसमें उन्हें आधे घंटे से ज्यादा समय लगता था. लेकिन 2020 में वह करनाल शिफ्ट हो गए और OPS विद्या मंदिर से पढ़ाई की. इससे उनकी क्रिकेट ट्रेनिंग आसान हो गई.
साल 2022 में उन्होंने त्रिपुरा के खिलाफ रणजी ट्रॉफी से घरेलू क्रिकेट की शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वह दो आईपीएल सीजन में भी अपनी क्रिकेट प्रतिभा दिखा चुके हैं. बेटे की इस उपलब्धि पर अंशुल की मां पिंकी और पिता उधम सिंह बेहद भावुक नजर आए.
