यूट्यूब के एक वीडियो ने बदल दी किसान की दुनिया, आज अमरूद की खेती से कमा रहे महीने के लाखों रुपए

कुरुक्षेत्र | हरियाणा को इन दिनों आधुनिक खेती के लिए काफी जाना जाता है. बता दें कि अब यहां के किसान पारंपरिक खेती को छोड़कर आधुनिक खेती की ओर अपना रुख करते जा रहे हैं. अधिकतर किसान फसलों की खेती कर अच्छी पैदावार के साथ- साथ बढ़िया कमाई भी कर रहे हैं.

Amrudh Guava

आज की इस खबर में हम आपको हरियाणा के कुरुक्षेत्र के हाथिरा गांव के रहने वाले एक ऐसे ही किसान के बारे में जानकारी देने वाले हैं, जो आधुनिक खेती करके अच्छा खासा पैसा कमा रहे हैं और दूसरे लोगों को भी आधुनिक खेती की लिए प्रेरित कर रहे हैं.

हरियाणा के इस किसान के चर्चे

हम हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के हाथिरा गांव के रहने वाले सुरेंद्र के बारे में बातचीत कर रहे हैं. जिन्होंने पिछले 5 साल पहले ताइवान पिंक अमरूद की किस्म का बाग लगाया था. यूट्यूब से एक वीडियो देखकर इन्हें यह आधुनिक खेती का आइडिया आया था. इस बाग से अब वह एक एकड़ में 1 साल में ही आसानी से लाखों रुपए की कमाई कर रहे हैं. ताइवान पिंक अमरुद को थाई पिंक अमरुद भी कहा जाता है. यह अमरुद न केवल खाने में काफी मीठा होता है, बल्कि इसकी सुगंध भी काफी अच्छी होती है.

यह पौधा टॉपिकल और सब ट्रॉपिकल जलवायु में अच्छी पैदावार देता है. अगर किसान परंपरागत खेती को छोड़कर आधुनिक तरीके से खेती करना शुरू कर दे, तो यह भी किसी व्यवसाय से कम नहीं है. इससे न केवल वह खुद रोजगार हासिल कर सकता है, बल्कि दूसरे लोगों को भी रोजगार दे सकता है.

2019 में की थी आधुनिक खेती की शुरुआत

ताइवान पिंक अमरूद किस्म के पौधे काफी जल्दी फल देने के लिए जाने जाते हैं. कई बार तो रोपण के 6 महीना के बाद ही आपको पौधे पर फल दिखाई दे जाते हैं. यह किस्म उच्च पैदावार के लिए ही जानी जाती है. एक अमरूद का वजन 300 से 600 ग्राम तक भी आसानी से हो जाता है, इसी वजह से इसकी डिमांड भी लोगों के बीच काफी बनी रहती है.

यह भी पढ़े -  हरियाणा सरकार की नई योजना, 10 साल प्राकृतिक खेती करने वालों को मिलेगी सरकारी जमीन

ताइवान पिंक अमरूद की खेती करने वाले सुरेंद्र सिंह की तरफ से जानकारी देते हुए बताया गया कि उन्होंने साल 2019 में इस खेती की शुरुआत की थी. इस पौधे को उन्होंने आंध्र प्रदेश से से मंगवाया था. उसके बाद, उन्होंने 2 एकड़ में इसका बाग लगाया.

कमा लेते हैं महीने के लाखों रुपए

जिस प्रकार इस अमरूद का नाम है, उसी तरह का इसका स्वाद भी काफी लाजवाब है. जब आप इस अमरूद को काटते हैं, तो यह अंदर से पिंक कलर का निकलता है. इस वैरायटी की सबसे खास बात तो यह है कि यह जल्दी खराब नहीं होता. आप इसे 10 से 15 दिनों तक आसानी से स्टोर करके भी रख सकते हैं, जबकि दूसरी वैरायटी के अमरूद इनकी तुलना में काफी जल्दी खराब हो जाते हैं.

इसी वजह से इन्हें ट्रांसपोर्ट करने में भी किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होती. आज वह इस खेती के जरिए महीने के आसानी से लाखों रुपए कमा रहे हैं और दूसरे लोगों को भी आधुनिक खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

Avatar of Ajay Sehrawat
Ajay Sehrawat
View all posts

मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.