नई दिल्ली | दिनों- दिन आसमान छू रही महंगाई के दौर में आम आदमी को फिर से झटका लगने वाला है. अब प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या घटाकर नौ कर दी गई है. पहले एक साल में 12 सिलेंडर सब्सिडी के तहत प्राप्त किए जा सकते थे. 14.2 किलो के सिलेंडर पर दी जाने वाली ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
1260 करोड़ रुपए का बजट हुआ स्वीकृत
वित्त वर्ष 2026 के लिए इस योजना के तहत 1260 करोड़ रुपए का बजट स्वीकार किया गया है. सरकारी आंकड़े बताते हैं कि इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने वाले परिवारों में एलपीजी की औसत सालाना खपत वित्त वर्ष 2020 में 3 सिलेंडर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में लगभग 4.47 सिलेंडर हो चुकी है.
12 किश्तों में होगी नुकसान की भरपाई
सरकार ने तेल मार्केटिंग कंपनियों को लागत से कम कीमत पर एलपीजी सिलेंडर बेचने से हुए नुकसान की भरपाई 12 किस्तों में करने का निर्णय लिया है. कैबिनेट ने 30000 करोड़ रुपए के कैश मुआवजे को मंजूरी प्रदान की है, जिसकी पहली किस्त सितंबर- अक्टूबर 2025 में आने की संभावना है. OMCs को वर्ष 2026 में 15000 करोड़ और शेष राशि वित्त वर्ष 2027 में प्रदान की जाएगी. इस भुगतान का बंटवारा 2 चरणों में करने से राजकोषीय घाटे पर तुरंत असर कम होगा.
