नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सटे कई इलाकों और हरियाणा के सोनीपत जिले के लोग दहशत में है. बता दें कि यहां आज दिन की शुरुआत भूकंप के झटकों से शुरू हुई है. पिछले 72 घंटों में यह दूसरी बार हुआ है जब पृथ्वी पर हलचल का अहसास हुआ है, हालांकि अभी तीव्रता कम होने के कारण किसी बड़ी दुर्घटना को खबर नहीं आई है.
दिल्ली में सुबह- सुबह लगे झटके
नेशनल सिस्मोलॉजी सेंटर (NCS) के आकडों की माने तो सुबह करीब 9 बजे के आस- पास दिल्ली- एनसीआर और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके लगे है. रिक्टर स्केल के द्वारा इसकी तीव्रता मापी गई जोकि 2.6 थी इसीलिए तीव्रता ज्यादा न होने से कोई नुकसान नहीं हो पाया. बता दें कि इस भूकंप की चपेट में ज्यादा दिल्ली का उत्तरी हिस्सा रहा है. वैज्ञानिकों के अनुसार धरती के केवल 5 KM नीचे यह हलचल पैदा हुई थी जिसके कारण दिल्ली और सोनीपत के कई इलाके कांप उठे.
बार- बार भूकंप आने की वजह
आज से पहले भी 16 जनवरी को सोनीपत के गोहाना में भूकंप आया था, तब इसकी गति तेज थी. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.4 दर्ज की गई थी. उस समय तेज झटके के कारण लोग दुकानों और घरों से बाहर भागने लगे थे. आज फिर से भूकंप आना चिंता का विषय बन गया है.
भूकंप वैज्ञानिकों का कहना है कि हरियाणा में बार-बार भूकंप के पीछे एक भौगोलिक कारण है. दरअसल देहरादून से लेकर महेन्द्रगढ़ जिले तक जमीन के नीचे एक दरार मौजूद है इसलिए जब भी टेक्टोनिक प्लेट्स में हलचल होती है तो कंपन पैदा होती है जिसके कारण भूकंप के झटके महसूस हो रहे है.
टेक्टोनिक प्लेट्स पर टिकी धरती
हमारी धरती 7 मुख्य और कई छोटी- छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स पर टिकी हुई है. ये प्लेट्स स्थिर नहीं है बल्कि अंदर गर्मी की वजह से तैरती रहती है. जब ये प्लेट्स एक- दूसरे से टकराती है तो किनारों पर दबाव बढ़ जाता है जिसके कारण प्लेट्स टूट जाती है और धरती में कंपन पैदा होती है. इसी कारण बार- बार भूकंप की स्थिति देखने को मिल रही है. कभी- कभी कम तीव्रता वाले भूकंप भी नुकसानदायक साबित हो सकते है.
