नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित IGI एयरपोर्ट से सटे निर्माणधीन बिजवासन रेल टर्मिनल परियोजना के रास्ते में आने वाली आखिरी अड़चन को दूर कर लिया गया है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सेंटर एम्पवावर्ड कमेटी (CEC) ने परियोजना के क्रियान्वयन में आड़े आ रही 1279 पेड़ों के हटाने को मंजूरी प्रदान कर दी है.
बिजवासन रेलवे टर्मिनल
CEC से मंजूरी के लिए रेल लैंड विकास प्राधिकरण ने जो आवेदन किया था, उसमें बताया गया था कि टर्मिनल के बाहरी हिस्से के विकास के रास्ते में ये पेड़ रूकावट खड़ी कर रहे हैं. इस हिस्से को स्पष्ट करते हुए बाहरी कार्यों का जिक्र किया गया था जिसमें स्काईवॉक, फुटपाथ, एप्रोच रोड, मेट्रो से जुड़ाव सहित कई अन्य जरूरी काम शामिल हैं.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का बनेगा विकल्प
बिजवासन रेलवे स्टेशन को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के विकल्प के तौर पर विकसित किया जा रहा है. भविष्य में यहां से पश्चिमी भारत के लिए जाने वाली ट्रेनों को संचालित किया जा सकेगा. इस स्टेशन से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर ही द्वारका अंतरराज्यीय बस स्टैंड का निर्माण होना है. यहां से पश्चिमी भारत की ओर जाने वाली बसों का संचालन शुरू किया जाएगा.
बिजवासन रेलवे स्टेशन दो प्रमुख सड़क मार्गों के बीच स्थित है. एक तरफ द्वारका से गुरुग्राम को जोड़ने वाली सड़क हैं जिससे UER व द्वारका एक्सप्रेसवे सीधे जुड़ा हुआ है. दूसरी सड़क IGI एयरपोर्ट की चारदीवारी से सटी हुई है, जो एयरपोर्ट के परिधिय इलाकों में बसे गांवों को गुरुग्राम या पश्चिमी दिल्ली से जोड़ती है. यहां से मेट्रो स्टेशन की दूरी 1 किलोमीटर से भी कम है. यह मेट्रो स्टेशन एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर हैं जो सीधा IGI एयरपोर्ट जाती है.
बिजवासन रेलवे टर्मिनल की मुख्य बिल्डिंग बहुत शानदार होगी. यहां से यात्री न केवल ट्रेन बल्कि हवाई जहाजों को भी उड़ते हुए देख सकेंगे. इसके लिए वेटिंग हाल के एक तरफ जो दीवार होगी, उसमें जगह- जगह शीशे होंगे ताकि यात्री विमानों की आवाजाही का नजारा देख सकें- कैलाश गहलोत, बीजेपी विधायक, बिजवासन विधानसभा क्षेत्र
