नई दिल्ली | टोक्यो ओलंपिक 2020 में रजत पदक जीतने वाले हरियाणा सोनीपत के पहलवान रवि कुमार दहिया ने अपनी पढ़ाई जिस स्कूल से पूरी की आज उस स्कूल का नाम उन्हीं के नाम पर रखा जा रहा है. दिल्ली सरकार की ओर से बीते दिन बड़ा सम्मान दिया गया है.
बीते मंगलवार को दिल्ली सरकार की ओर से ओलंपिक में रजत पदक विजेता रवि कुमार दहिया को सम्मान देते हुए, नई दिल्ली अशोक बिहार में स्थित सरकारी बाल विद्यालय का नाम बदलकर रवि कुमार दहिया बाल विद्यालय कर दिया है. गौरतलब बात यह है कि रवि ने अपनी पढ़ाई दिल्ली के स्कूल से पूरी की है. रवि दहिया ने कहा कि स्कूल के दिनों को याद कर अच्छा लगता है. सम्मान के इस मौके पर रवि ने कहा, खुशी हो रही है कि जिस स्कूल से शिक्षा प्राप्त की आज उसके नाम से मेरा नाम जुड़ गया है. इस सम्मान के लिए दिल्ली सरकार और उपमुख्यमंत्री का धन्यवाद करता हूं. यह चाहता हूं कि स्कूल के बच्चे खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ें. स्कूल के खेल शिक्षक रमेश दहिया ने आगे बढ़ने में काफी मदद की है, उनसे मिलकर अच्छा लगा.
सिसोदिया बोले- रवि यूथ आइकन बन चुके हैं
ओलंपिक पदक विजेता रवि को सम्मानित करते हुए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि हमारे लिए ये बेहद गर्व की बात है कि हमारे स्कूल से पढ़कर निकला एक बच्चा देश के लिए ओलम्पिक मेडल जीत कर ला रहा है. उन्होंने कहा कि इस स्कूल में रवि दहिया का एक बड़ा पोट्रेट भी लगाया जाएगा ताकि उसे देखकर बच्चे प्रेरित हो, सपने संजोये और खेल के क्षेत्र में बेहतर कर सके. ये बच्चों का हौसला बढ़ाने का काम भी करेगा.
वही इस मौके पर मनीष सिसोदिया ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी में खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है. सरकार खेलों के लिए एक अलग स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी शुरू करने जा रही है. इसका मकसद खिलाड़ियों को शुरुआती दौर से ही खिलाड़ियों की प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें विश्व स्तरीय प्रशिक्षण देकर ओलंपिक के लिए तैयार करना होगा. इस स्कूल और यूनिवर्सिटी में अगले साल से एडमिशन शुरू हो जाएंगे.
रवि बोले- दिल्ली सरकार ने की हमेशा सहयोग
रवि दहिया ने कहा कि दिल्ली सरकार उन्हें ओलंपिक में चयन से पहले से सहायता कर रही है. सरकार के इस सहयोग के साथ उन्होंने अगले ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर लाने की बात कही. बकौल दहिया, दिल्ली सरकार के मिशन एक्सीलेंस स्कीम के तहत दहिया को उनके ट्रेनिंग के दिनों से ही सहायता मिलनी शुरू हो गई थी, जिससे ट्रेनिंग के दौरान रवि दहिया को काफी मदद मिली. कोरोना के दौरान सरकार ने आगे बढ़कर स्पेशल ट्रेनिंग जारी रखी.
बता दें कि रवि दहिया सोनीपत के गांव नाहरी के रहने वाले हैं. टोक्यो में ओलंपिक खेलों में, 23 वर्षीय पहलवान ने 57 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल में रूसी ओलंपिक समिति (आरओसी) के ज़ावुर उगुएव से हारने के बाद रजत पदक हासिल किया था.
