नई दिल्ली | नया इनकम टैक्स संशोधित बिल लोकसभा की तरफ से पास कर दिया गया है. अब इस बिल को जल्द ही राज्यसभा से मंजूरी और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की आवश्यकता है. इसके बाद यह बिल लागू हो जाएगा. इस बिल को लेकर खबरें सामने आ रही है कि अप्रैल 2026 तक इसे लागू किया जा सकता है. आज की इस खबर में हम आपको इस नए इनकम टैक्स बिल से जुड़ी हुई लेटेस्ट अपडेट के बारे में जानकारी देने वाले हैं.
जल्द लागू होगा नया नियम
नए इनकम टैक्स बिल को हाल ही में लोकसभा में पेश किया गया है इस बिल को लाने का मुख्य उद्देश्य टैक्स प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और टैक्स पेयर्स के लिए अनुकूल बनाना है ऐसा सरकार की तरफ से दावा भी किया जा रहा है. इनकम टैक्स बिल 2025 में कई प्रकार के टैक्स डिडक्टेड एंड सोर्स से जुड़े हुए इंपॉर्टेंट पॉइंट्स को भी शामिल किया गया है. नए इनकम टैक्स बिल में खास यह व्यवस्था भी की गई है कि इनकम टैक्स रिटर्न भरने की डेडलाइन निकालने की बाद भी आप आइटीआर भर के रिफंड के लिए आवेदन कर पाएंगे.
नियमों में बड़ा बदलाव
मौजूदा आयकर अधिनियम 1961 के तहत अगर कोई भी व्यक्ति तय सीमा के अंदर अपना टैक्स पे नहीं करता है, तो वह टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं कर पाएगा और ना ही उसे रिफंड के लिए क्लेम करने का अधिकार है. अब इस बड़े नियम में बदलाव किया जाएगा. खासकर उन लोगों को इससे बड़ी राहत मिलने वाली है जो बीमारी, तकनीकी समस्या हो या फिर अन्य किसी कारण से रिटर्न समय फाइल नहीं कर पाते हैं. नए बिल में टीडीएस से जुड़े हुए नियमों के बारे में स्पष्ट रूप से जानकारी उपलब्ध करवाई गई है जिससे कि टैक्सपेयर को समझने और इसका पालन करने में किसी प्रकार की कोई भी परेशानी ना हो.
प्रावधानों की भाषा को भी काफी आसान बनाया गया है. नए इनकम टैक्स बिल में अन्य कई प्रकार के और भी क्लोज शामिल किए गए हैं, जैसे कि विदेश में पढ़ाई करने के लिए कर्ज लेकर लिबरलाइज रेमिटेंस स्कीम के तहत भेजे गए पैसे पर भी टीडीएस नहीं लगेगा. हाउस प्रॉपर्टी से इनकम के मामले में कहा गया है कि म्युनिसिपल टैक्स घटाने के बाद ही एनुअल वैल्यू पर 30% तक डिडक्शन की गणना की जा सकती है.
