नई दिल्ली | दिल्ली जंतर- मंतर पर धरने पर बैठे देश के नामी पहलवानों के समर्थन में खाप पंचायतें भी खुलकर सामने आ गई हैं. पहलवानों ने राजनीतिक दलों और खाप पंचायतों से समर्थन मांगा था जिसके लिए अब हरियाणा की खाप पंचायतों ने दिल्ली की ओर कूच कर दिया है. खाप प्रतिनिधियों का कहना है कि खिलाड़ी देश की धरोहर हैं और अगर वे खिलाड़ी न्याय के लिए धरने पर बैठते हैं तो यह शर्मनाक बात है. हम उनका पूरा सहयोग करेंगे. वे हमसे जो भी मांग करेंगे, वह पूरी की जाएगी.
जंतर- मंतर पहुंच रही खापें
प्रदेश के विभिन्न जिलों से खाप प्रतिनिधि आज जंतर- मंतर पहुंच रहे हैं. गठवाला खाप के प्रधान बलजीत मलिक ने कहा कि देश को गौरवान्वित करने वाले खिलाड़ी न्याय के लिए फुटपाथ पर बैठे हैं लेकिन सरकार सुन नहीं रही है. शिकायत के बावजूद, एफआईआर दर्ज नहीं करना दिल्ली पुलिस के रवैये को भी दर्शाता है कि पुलिस पर कार्रवाई न करने का दबाव कैसे है. बलजीत मलिक ने कहा कि इन खिलाड़ियों को जाति और क्षेत्र के आधार पर बांटने की कोशिश की जा रही है जो बेहद शर्मनाक है. इन योजनाओं को सफल नहीं होने दिया जाएगा.
सभी गांव के लोग पहुंचे जंतर- मंतर
खाप- 84 के प्रधान हरदीप अहलावत का कहना है कि आज वह जंतर-मंतर पर खिलाड़ियों से मिलेंगे और उनसे जानेंगे कि उन्हें किस तरह के सहयोग की जरूरत है. जरूरत पड़ी तो पूरे प्रदेश के सभी सरपंचों व पंचों का भी सहयोग लिया जाएगा. आज खाप प्रतिनिधि ही खिलाड़ियों का समर्थन करने जा रहे हैं लेकिन जरूरत पड़ने पर खापों के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों के लोगों को भी जंतर- मंतर ले जाया जाएगा ताकि सरकार इन खिलाड़ियों की सुनने को मजबूर हो सके.
लोगों का मिल रहा समर्थन
आपको बता दें कि महिला खिलाड़ियों के यौन शोषण के आरोप में भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार करने की मांग की जा रही है. इसी मांग को लेकर कई पहलवान दिल्ली के जंतर मंतर पर धरने पर बैठे हैं. देश के शीर्ष पहलवानों के समर्थन में अब विभिन्न खाप और किसान संगठन उतर आए हैं. बुधवार को जम्मू- कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक भी खिलाड़ियों के समर्थन में जंतर- मंतर पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है कि देश का नाम रोशन करने वालों को न्याय के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है.
दिल्ली बॉर्डर कर देंगे सील
बता दें कि प्रदर्शन के चौथे दिन बुधवार को खाप और किसान संगठन के प्रतिनिधियों के पहुंचने का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा. इस दौरान मंच से बताया गया कि 1430 गांवों की खापों ने सरकार से कहा है कि अगर तुरंत मांगें नहीं मानी गईं तो हम दिल्ली बॉर्डर सील कर देंगे. हम दिल्ली के अलग- अलग गांवों में जाएंगे और वहां के चौराहों को बंद कर देंगे.
