पानीपत जिले में मात्र 10 रूपए में लीजिए भरपेट थाली का मजा, देखें मेन्यू व खुलने का समय

पानीपत | कहते हैं कि घर जैसे भोजन का स्वाद अलग ही होता है और यहीं स्वाद अगर घर से बाहर मिल जाए तो वारे- न्यारे हो जाते हैं. जी हां, इसी तरह के टेस्ट से भरपूर खाने का स्वाद चखना है तो पानीपत जिले में श्रम विभाग की ओर से एक कैंटीन खोली गई है जहां आप 10 रुपए में भरपेट भोजन का मजा ले सकते हैं.

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मात्र 10 रूपए में भरपेट भोजन

श्रम विभाग की ओर से पानीपत के कुटानी रोड़ स्थित वर्मा चौक पर यह कैंटीन खोली गई है, जहां मजदूर, ऑटो- रिक्शा चालक, दिव्यांग व अन्य गरीब तबके के लोग मात्र 10 रूपए में भरपेट भोजन कर सकते हैं. दस रूपए की इस थाली में खाने के लिए दो सब्जियां, चार रोटी और चावल मिलेंगे.

श्रम विभाग की इस पहल से जहां गरीबों को 10 रूपए में भरपेट भोजन मिल रहा है तो वहीं, दूसरी ओर करीब 15 लोगों को रोजगार भी मिला है. श्रम विभाग की ओर से इस योजना के तहत, 10 महिलाओं का एक स्वयं सहायता समूह तैयार किया गया है जो खाना बनाने से लेकर परोसने तक का सब काम करती हैं.

स्वयं सहायता समूह की सचिव रानी ने बताया कि सरकार की यह बेहद अच्छी योजना है, जिससे गरीबों को 10 रूपए में भरपेट निवाला हासिल हो रहा है तो वहीं हम जैसी बेरोजगार महिलाओं के लिए भी रोजगार का अवसर बना है. उन्होंने बताया कि थाली में चार रोटी, चावल और दो सब्जियां मिल रही हैं. इतना ही नहीं, अगर कोई व्यक्ति और सब्जी लेने के लिए कहता है तो हम उसे मना भी नहीं करते हैं.

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सरकार कर रही मदद

रानी ने बताया कि इस योजना के तहत, वह 10 रूपए प्रति थाली भोजन करने वालों से लेते हैं जबकि 25 रूपए की मदद उन्हें सरकार की ओर से मिल रही है. यहां रोजाना 500 से अधिक लोग भोजन करने पहुंचते हैं. उन्होंने बताया कि कैंटीन में खाना महिलाएं खुद अपने हाथों से तैयार करती है. यहां खाना बिना मसालों के बिल्कुल घर जैसा बनाया जाता है.

ये रहेगा टाइम

बता दें कि सरकार की इस योजना के तहत कैंटिन में जो खाना मजदूरों के लिए बनता है, यह फिलहाल एक वक्त के लिए बनता है. यानि दोपहर 12: से 3 बजे तक लोग यहां आकर खाना खा सकते हैं. वहीं, खाना खाने वाले मजदूरों ने सरकार की कैंटीन योजना को किसी सौगात से कम नहीं बताया है.

मजदूरों का कहना है कि बाहर ढाबे पर एक वक्त का खाना खाने पर कम से कम 50 रूपए खर्च होते हैं लेकिन यहां मात्र 10 रूपए में शुद्ध एवं स्वादिष्ट भोजन का स्वाद चखने को मिल रहा है. महंगाई के इस दौर में सरकार की इस कैंटीन योजना से उन्हें काफी बचत हो रही है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.