हरियाणा के नीरज चोपड़ा ने रच दिया इतिहास, टोक्यो ओलंपिक में जीता भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक

Tokyo Olympic 2020: पानीपत | आज का दिन भारत के लिए टोक्यो ओलंपिक 2020 का सबसे बड़ा दिन था. कुछ ही देर पहले भारत के एथलीट नीरज चोपड़ा ने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता है. ओलंपिक के इतिहास में भारत के लिए एथलेटिक्स में यह पहला स्वर्ण पदक है. नीरज चोपड़ा हरियाणा के पानीपत जिले से आते हैं.

Neeraj Chopra

जैवलिन थ्रो के फाइनल मुकाबले में भारतीय एथलीट नीरज चोपड़ा ने पहले ही प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए 87.03 मीटर का थ्रो किया और टॉप 12 एथलीट में सबसे अच्छा थ्रो किया. दूसरे प्रयास में नीरज चोपड़ा ने अपने प्रदर्शन को सुधारते हुए 87.5 मीटर का थ्रो किया. फाइनल मुकाबले के पहले राउंड में 12 एथलीट में भारतीय जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा पहले स्थान पर रहे. दूसरे स्थान पर 85.44 मीटर के साथ चेक रिपब्लिक के विटदेस्लाव वेसेली रहे. तीसरे स्थान पर 85.30 मीटर के साथ जूलियन वेबर रहे. पाकिस्तान के अरशद नदीम 84.62 मीटर के थ्रो के साथ चौथे नंबर पर रहे.

फाइनल मुकाबले के दूसरे राउंड में टॉप 6 जैवलिन थ्रोअर के बीच मुकाबला हुआ. नीरज चोपड़ा का चौथा और पांचवां थ्रो फाउल रहा लेकिन नीरज चोपड़ा मुकाबले को जीतने के साथ ही इतिहास रच दिया. भारत के लिए नीरज एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक लाने वाले पहले एथलीट बन चुके हैं.  हुए बता दें कि जैवलिन थ्रो के फाइनल मुकाबले में 12 एथलीट ने हिस्सा लिया और सभी को 6 प्रयास दिए गए.

क्वालिफिकेशन राउंड में नीरज ने ग्रुप किया टॉप

नीरज ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में शानदार शुरुआत की. क्वालिफिकेशन राउंड में नीरज ने 86.65 मीटर की थ्रो की और सीधे फाइनल मुकाबले में जगह बना ली. उन्होंने अपने ग्रुप में ही नहीं बल्कि 32 खिलाड़ियों में शीर्ष पर रहते हुए खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया है. नीरज का पर्सनल बेस्ट 88.06 मीटर है. इस थ्रो के साथ उन्होंने 2018 एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीता था.

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वजन कम करने के लिए शुरू किया था खेलना

24 दिसंबर 1997 को हरियाणा के खांद्रा गांव में जन्मे नीरज चोपड़ा किसान परिवार से आते हैं. उनके पिता एक छोटे से किसान हैं. 11 साल की उम्र में ही नीरज मोटापे का शिकार हो गए थे. उनका बढ़ता वजन देख घरवालों ने मोटापे को कम करने के लिए नीरज को खेल-कूद का सहारा लेने की सलाह दी. जिसके बाद वो वजन कम करने के लिए पानीपत के शिवाजी स्टेडियम में जाने लगे. मैदान में खिलाड़ियों को जैबलिन थ्रो की प्रेक्टिस करते देख नीरज के मन में आया कि वो भी भाला को दूर फेंक सकते हैं और यहीं से जैबलिन थ्रो में उनकी रुचि बढ़ी. जल्द ही वे एज ग्रुप प्रतियोगिताओं में अच्छा परफॉर्म करने लगे और कई टूर्नामेंट में जीत हासिल की.

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2012 में हुई एथलेटिक्स चैंपियनशिप ने नीरज चोपड़ा ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए नए रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता था. इसके बाद नीरज ने लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए साउथ एशियन गेम्स, एशियन जूनियर चैंपियनशिप IAAF अंडर-20 वर्ल्ड चैंम्पियनशिप जैसे कई बड़े प्रतियोगिताओं में पदक जीता.इसके बाद उन्होंने 2018 के एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था. 2019 में नीरज को चोट लगने के कारण उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा लेकिन इसी साल मार्च में हुई इंडियन ग्रांड प्रिक्स में 88.07 मीटर की दूरी तक जेवलिन थ्रो किया था. यह थ्रो नीरज का पर्सनल बेस्ट था और इसी के साथ उन्होंने नेशनल रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया.

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टोक्यो ओलंपिक 2020 में अब तक भारत की झोली में 7 पदक आ चुके हैं. जिनमें एक गोल्ड, दो रजत और चार कांस्य हैं. भारत को सबसे पहला पदक वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने दिलाया था. उसके बाद पीवी सिंधु ने बैडमिंटन में भारत को कांस्य पदक दिलाया. फिर बॉक्सिंग में लवलीना ने कांस्य पदक भारत की झोली में डाला. लवलीना के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम शानदार प्रदर्शन करते हुए 40 साल बाद कांस्य पदक अपने नाम किया. इसके बाद भारतीय पहलवान रवि दहिया ने कुश्ती में भारत के नाम सिल्वर मेडल जीता. ओलंपिक के 16वें दिन आज कुछ ही देर पहले भारत के पहलवान बजरंग पुनिया ने कांस्य पदक मुकाबले में जीत हासिल की. और अब नीरज चोपड़ा ने भारत के लिए  टोक्यो ओलंपिक 2020 में गोल्ड पदक जीता है.

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