नई दिल्ली | देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ने 46 साल बाद अपना पता बदल लिया है. अब से पार्टी का नया मुख्यालय “इंदिरा गांधी भवन” 9ए, कोटला मार्ग, नई दिल्ली होगा. यह नया दफ्तर आधुनिक सुविधाओं से लैस है. इसका उद्घाटन सोनिया गांधी ने किया. इस दौरान राहुल गांधी और पार्टी के अन्य प्रमुख नेता भी मौजूद रहे. अब से पहले कांग्रेस का मुख्यालय अकबर रोड पर स्थित था, जबकि नया मुख्यालय दीनदयाल उपाध्याय मार्ग के पास है. इसके कुछ दूरी पर बीजेपी का दफ्तर भी है.
नाम को लेकर क्यों मचा है विवाद?
नए मुख्यालय का नाम पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम पर “इंदिरा भवन” रखा है, इस नाम को लेकर ही विवाद खड़ा हो गया है. पार्टी के ही कुछ नेता चाहते हैं कि मुख्यालय का नाम मनमोहन सिंह के नाम पर रखा जाए. दफ्तर के बाहर कई पोस्टरों में इस मांग को उठाया गया है. विरोधी दल भाजपा ने भी इस पर सवाल खड़े किए हैं.
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें कांग्रेस के नए मुख्यालय का नाम “सरदार मनमोहन सिंह भवन” रखने की मांग वाले पोस्टर्स दिखाए गए हैं. भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने सवाल उठाया कि कांग्रेस ने यह नाम क्यों नहीं चुना.
कांगेस ने दी ये सफाई
कांग्रेस की ओर से सफाई देते हुए राजीव शुक्ला ने कहा कि “इंदिरा भवन” नाम को लेकर किसी को आपत्ति नहीं है और यह सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया है. पवन बंसल ने भी स्पष्ट किया कि यह नाम 10 साल पहले तय किया गया था और हर मुद्दे पर विवाद खड़ा करना उचित नहीं.
बता दें कि यह 5 मंजिला नया मुख्यालय अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस है. इसके अंदर कांग्रेस के कई प्रमुख नेताओं की तस्वीरें लगाई गई हैं. खास बात यह है कि गांधी परिवार से मतभेद रखने वाले नेताओं जैसे नरसिम्हा राव, सीताराम केसरी, प्रणब मुखर्जी और गुलाम नबी आजाद की तस्वीरें भी लगाई गई हैं.
