आजाद की हुड्डा से मुलाकात के यहां जानिए क्या है मायने, हरियाणा की राजनीति में आ सकता है भूचाल

चंडीगढ़ | कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मुलाकात से हरियाणा कांग्रेस में कोहराम मच गया है. इसे हरियाणा में नए राजनीतिक समीकरणों की शुरुआत माना जा रहा है. आजाद और हुड्डा की मुलाकात को भविष्य में बनने वाले नए राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में देखा जा रहा है.

Bhupender Singh Hooda

हुड्डा और आजाद की मुलाकात के बाद हरियाणा में राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है. वैसे हरियाणा में कांग्रेस आलाकमान ने हुड्डा को फिलहाल खुली छूट दे दी है. इसलिए माना जा रहा है कि वह कांग्रेस छोड़ने में कोई जल्दबाजी नहीं दिखाएंगे. हुड्डा के करीबी लोगों का मानना ​​है कि उन्होंने आजाद से मिल कर अपनी दोस्ती का फर्ज निभाया है. हुड्डा ने खुद बैठक पर कोई टिप्पणी नहीं की है. आजाद के पार्टी छोड़ने के बाद ही उन्होंने पूरे प्रकरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था.

हुड्डा अब कांग्रेस में कमजोर नहीं रहे. हरियाणा कांग्रेस की पूरी जिम्मेदारी हुड्डा के पास है. प्रदेश अध्यक्ष उदयभान हुड्डा के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं. हुड्डा खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के करीबी हैं, जबकि उनके बेटे और राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा राहुल-प्रियंका टीम के अहम सदस्य हैं. ऐसे में गुलाम नबी आजाद से हुड्डा की मुलाकात भी कोई छोटा राजनीतिक घटनाक्रम नहीं माना जाता है.

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आजाद से मिलने हुड्डा के साथ गए आनंद शर्मा कांग्रेस को कभी भी अलविदा कह सकते हैं. पृथ्वीराज चौहान भी कांग्रेस की मुख्यधारा से अलग हैं. हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर आजाद पहले ही कह चुके हैं कि जी-23 नेताओं का पार्टी छोड़ना तय है. उनके जाने का समय बीजेपी तय कर रही है. भाजपा नेतृत्व की ओर से संकेत मिलने पर ही ये नेता कांग्रेस छोड़ेंगे.

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अब कांग्रेस विधायकों के हुड्डा के हर फैसले पर मुहर

2019 से पहले एक समय था जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर थे और हुड्डा आलाकमान के सामने प्रदेश कांग्रेस की बागडोर संभालने के लिए संघर्ष कर रहे थे. आलाकमान से निराश हुड्डा ने कांग्रेस छोड़कर नई पार्टी बनाने का मन बना लिया था, लेकिन हुड्डा को उनके ही साथी विधायकों ने समर्थन नहीं दिया. लेकिन बताया जा रहा है कि अब हुड्डा के साथी विधायक हर फैसले पर मुहर लगाने को तैयार हैं. फिलहाल हुड्डा हरियाणा कांग्रेस में भी शासन कर रहे हैं.

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