रेवाड़ी | हरियाणा के जिला रेवाडी के DC मोहम्मद इमरान रजा ने अपनी बेटी का दाखिला गुरुग्राम की एक आंगनबाड़ी में कराया है. इमरान रजा का यह कदम समाज को कई संदेश देता है. शिक्षा सिर्फ संसाधनों पर निर्भर नहीं है बल्कि दृढ़ इच्छा शक्ति से इसे कहीं भी पाया जा सकता है. मौजूदा समय में लोग निजी स्कूलों की ओर अधिक रूख कर रहे हैं. जिस वजह से एक दूसरे को देख कर अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला करवाते हैं. ऐसे में यह मिसाल पेश कर मोहम्मद रजा ने एक नई समाज को दिशा दी है.
आंगनबाडी में कराया गया एडमिशन
बता दें कि रेवाडी के डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने अपनी बेटी का दाखिला गुरुग्राम के झाडसा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के प्ले वे स्कूल में कराकर दूसरों के लिए एक मिसाल कायम की है. डीसी रजा की इस पहल की हर तरफ सराहना हो रही है. महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी नेहा दहिया ने बताया कि वर्तमान समय में जब अधिकतर माता- पिता अपने बच्चों को बड़े प्ले स्कूल में दाखिला दिलाते हैं. इस कदम से मोहम्मद रजा की हर जगह तारीफ हो रही है साथ ही चर्चा का विषय भी बना हुआ है.
लोगों को मिलेगा संदेश
रजा की पत्नी डॉ. सदफ मजीद जिले के झाड़सा के आंगनवाड़ी केंद्र में आईं और अपनी बेटी को प्ले स्कूल में दाखिला दिलाया ताकि वह यहां अन्य बच्चों के साथ घुल-मिल सके. उन्होंने बताया कि इस दौरान मजीद ने आंगनबाडी केंद्र के कर्मचारियों से केंद्र की कार्यशैली के बारे में विस्तार से जाना. नेहा दहिया ने कहा कि उनकी इस पहल से न सिर्फ आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी सबक होगा जो सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ियों को कम आंकते हैं. इस अवसर पर आशा, आंगनबाडी केन्द्र की कार्यकर्ता एवं प्ले वे स्कूल के अन्य स्टाफ उपस्थित रहे.
अक्सर गरीब लोग ही आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने के लिए भेजते हैं बच्चे
बता दें कि लोगों की सोच होती है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ाई नहीं होती है जिस वजह से लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ने के लिए भेजते हैं. अक्सर आंगनबाड़ी केंद्रों में वही बच्चे आते हैं जिनके माता-पिता आर्थिक रूप से काफी कमजोर होते हैं. ऐसे में जिस तरह से डीसी ने अपनी बेटी को पढ़ाई के लिए आंगनबाड़ी केंद्र में भेजा है इससे समाज में बदलाव होना संभव है.
