रोहतक में 5 साल से पेंशन के लिए भटक रहे शहीद के माता- पिता, अब नवीन जयहिंद ने किया ये ऐलान

रोहतक | लोगों को किसी तरह की परेशानी ना हो सरकार की तरफ से पूरी कोशिश की जाती है. मगर फिर भी पिछले 5 साल से रोहतक में बुढ़ापा पेंशन के लिए सैनिक के माता- पिता भटक रहे हैं. इसी क्रम में सेक्टर- 6 स्थित जयहिंद सेना प्रमुख नवीन जयहिंद से दोनों बुजुर्ग मिले. इस दौरान गांव बलियाना निवासी जवान की मां ओमपति और पिता ओम प्रकाश अपना दर्द बयां करते हुए भावुक हो गए. साथ ही, उनके आंखों में आंसू भी आ गए.

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जयहिंद बोले- पेंशन नहीं बनी तो खुद देंगे

मामले को सुनने के बाद नवीन जयहिंद ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी भी दी कि उनकी काटी गई पेंशन जल्द से जल्द बनाई जाए. पेंशन नहीं बनी तो वे आंदोलन करेंगे. उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि वह सोमवार को आकर पेंशन बनवाएंगे. जब तक पेंशन नहीं बन जाती तब तक वह खुद ही पेंशन देंगे.

बेटा हो गया था शहीद

गांव बलियाना निवासी ओमपति और ओमप्रकाश ने बताया कि उनका बेटा सुनील सेना में सिपाही था. फरवरी 2020 में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गया, लेकिन आज उन्हें ओमपति की वृद्धावस्था पेंशन बनवाने के लिए कई बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि वह अधिकारियों के चक्कर काट- काट कर थक चुके हैं, लेकिन ओमपति की वृद्धा पेंशन नहीं बनी.

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5 साल तक पेंशन में कटौती

मिली जानकारी के मुताबिक, ओमपति की वृद्धावस्था पेंशन 2013 में बनी थी. उस समय डॉक्टरों के बोर्ड ने उन्हें 60 वर्ष से अधिक उम्र का मानते हुए वृद्धावस्था पेंशन बनाई थी. वहीं, 2019 में उनकी पेंशन काट दी गई और अधिकारियों ने कहा कि ओमपति की पेंशन 2014 में बननी थी. अधिकारियों ने कहा कि 2013 से 2019 तक ली गई पेंशन वापस दी जाए. 2019 के बाद से अब तक उनकी पेंशन में कटौती की गई है. जिस वजह से बुजुर्ग परेशान चल रहे हैं, बुजुर्ग चाहते कि जल्द- से- जल्द उनकी समस्या दूर हो.

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.