सिरसा । साध्वियों से दुष्कर्म और पत्रकार की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा भुगत रहे डेरा प्रमुख बाबा राम रहीम को पैरोल दिए जाने को लेकर पत्रकार छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि डेरा प्रमुख को सिरसा आने के लिए सरकार रास्ता तैयार कर रही है. पहले बाबा को 48 घंटे के लिए पुलिस कस्टडी की पैरोल दी गई थी लेकिन अब इसे बढ़ाकर 24 मई तक कर दिया गया है. लॉकडाउन अवधि होने से अदालतें बंद है,इसी का फायदा उठाकर ऐसा किया जा रहा है. हम इसका विरोध करते हैं.
यह सब सरकार की मिलीभगत से हों रहा है,इसे पैरोल नहीं कह सकते. पहले बाबा बीमारी का नाटक करके पीजीआई रोहतक आता है लेकिन वहां डाक्टरों ने रिपोर्ट बाबा के पक्ष में नहीं बनाईं. फिर मां की बीमारी का बहाना बनाकर पैरोल के लिए अर्जी लगाई जाती है. जबकि उनकी मां सिरसा थी जिसको प्लानिंग के तहत गुरुग्राम मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती करवाया जाता है. फिर इलाज के लिए 48 घंटे की पैरोल दी जाती है.
यह भीतरखाने सरकार के साथ मिलीभगत का खेल चल रहा है. सरकार एक कैदी को वीआईपी ट्रीटमेंट दें रहीं हैं. एक ऐसे व्यक्ति को पैरोल देना जिसकी वजह से पूरा हरियाणा जला था . आज सरकार उसके प्रति नरम रुख अख्तियार किए हुए हैं. हम सरकार के इस फैसले की कड़ी निन्दा करते हैं. उन्होंने कहा कि मेरे पिता की हत्या के मामले में डेरा प्रमुख उम्र कैद की सज़ा काट रहे हैं जबकि साध्वियों से यौन उत्पीडन के मामले में दस साल की सजा सुनाई गई थी. ऐसे में उनको पैरोल देना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रहे हैं.
