चंडीगढ़ | हरियाणा में किसानों के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई है. बता दें कि जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन और प्रबंधन) ने भू- जल निकालने के लिए अनापत्ति प्रमाण- पत्र और अनुमति देने से जुड़े कार्यों को सेवा का अधिकार अधिनियम में शामिल कर लिया है.

45 दिन में मिलेगी बोरवेल लगाने की अनुमति
चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं जिसमें बताया गया है कि अब किसानों को 45 दिन के भीतर बोरवेल लगाने की अनुमति प्रदान कर दी जाएगी. पदाभिहित अधिकारी के रूप में मुख्य तकनीकी अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि निर्धारित समयावधि में अनापत्ति प्रमाण- पत्र और अनुमति जारी कर दी जाए.
यदि 45 दिन में बोरवेल लगाने की अनुमति नहीं मिलती है तो ऐसी स्थिति में प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी मुख्य जल विज्ञानी के पास अपील की जा सकेगी. अगर फिर भी अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी नहीं हुआ तो द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी के रूप में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मामले को निपटाएंगे.
मिलेंगे नए बिजली ट्यूबवेल कनेक्शन
31 दिसंबर 2023 तक ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए किए गए आवेदनों के लिए मांग नोटिस जारी किए जा चुके हैं. पूरी लागत राशि जमा करा चुके उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के 4241 और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 9119 किसानों को 6 महीने में बिजली कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे.
10 BHP तक आवेदन करने वालों को आफ- ग्रिड सोलर पंप दिए जा रहे हैं. इसके अलावा, 1 जनवरी 2024 से 31 जनवरी 2026 के बीच आवेदन करने वाले 43 हजार 527 किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन लंबित है.