सिरसा | हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने एक नया टेस्ट लांच किया है, जिसके माध्यम से बीमारी (टीबी) होने से पहले ही पता लगाया जा सकेगा. इसके साथ ही, इलाज भी शुरू होगा. लाभ ये होगा कि टीबी होने से पहले ही बीमारी का इलाज हो सकेगा. अधिकारिक तौर पर लांच होने से पहले विभाग की ओर से पूरे हरियाणा में ट्रायल शुरू कर दिए गए है. अब स्किन टेस्ट के जरिए टीबी का पता लगाया जा सकेगा.
हरियाणा में ट्रायल शुरू
टीबी एक ऐसी बीमारी है, जो शरीर में संक्रमण होने के बाद ही ढूंढी जा सकती है. इसके लिए व्यक्ति का बलगम टेस्ट करना पड़ता है, लेकिन तब तक व्यक्ति संक्रमित हो चुका होता है और उसे 6 से 9 माह तक का इलाज शुरू ही करना पड़ेगा. अब स्वास्थ्य विभाग ने एक नया स्किन टेस्ट (सीवाई- टीबी) लांच किया है. इसका ट्रायल पूरे हरियाणा के सिविल अस्पतालों में शुरू कर दिया है. इतना ही नहीं, अस्पतालों में लेबोरेट्री की ट्रेनिंग भी पूरी हो चुकी है.
सामान्य व्यक्ति में भी हो सकते हैं टीबी के कीटाणु
सिविल अस्पताल के टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतीक का कहना है कि सामान्य व्यक्ति में भी टीबी के कीटाणु हो सकते हैं लेकिन बीमारी हो, ये जरूरी नहीं. क्योंकि रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होने के कारण बीमारी से बचा हुआ रह सकता है. ऐसे व्यक्ति का टेस्ट करें और रिजल्ट पॉजिटिव आ जाए तो इसका मतलब ये है कि व्यक्ति में टीबी के कीटाणु हैं लेकिन अभी बीमारी नहीं बनी है. ऐसे में उस व्यक्ति का 12 सप्ताह का टीबीटी कोर्स चलाकर दवा दी जाती है. दवा सप्ताह में एक बार लेनी होती है. इससे भविष्य में उक्त व्यक्ति को टीबी होने की संभावना नहीं रहती. लाभ ये होगा कि व्यक्ति टीबी की बीमारी से बच जाएगा और लंबे इलाज की जरूरत नहीं पड़ेगी.
क्या है सीवाई- टीबी टेस्ट?
सीवाई- टीबी (स्किन) टेस्ट वैक्सीन के माध्यम से किया जाने वाला एक टेस्ट है. इसके तहत, एक इंजेक्शन स्किन में लगाया जाएगा. 3 दिन बाद रिजल्ट आएगा. इस आधार पर पता चलेगा कि व्यक्ति में टीबी के कीटाणु है या नहीं.
टीबी जांच के लिए अस्पताल में जल्द ही जगह का निर्धारण किया जाएगा, जहां से सैंपल एकत्र होंगे. इसे लेकर विचार- मंथन चल रहा है- डॉ. पवन, पीएमओ, सिविल अस्पताल, सिरसा
