सोनीपत | हरियाणा को दूध- दही का खाना कहा जाता है. ऐसा भी माना जाता है कि यहां के युवा ही नहीं, बल्कि बुजुर्ग भी शारीरिक रूप से काफी सक्षम पाए जाते हैं. ऐसा ही कुछ जज्बा सोनीपत जिले के हुल्लाहेड़ी गांव की बुजुर्ग महिला के अंदर भी देखने को मिला है. दरअसल, 77 वर्षीय सबों दादी इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं. इस उम्र में भी उनका जोश और जज्बा देखने लायक है. उनकी फिटनेस और आत्म अनुशासन देख हर कोई हैरान रह जाता है.
10 साल की उम्र से शुरू की तैराकी
आज भी वह अपने पोते के साथ व्यायाम करती हैं और नदी में तैराकी करती हैं. उन्होंने जानकारी दी कि महज 10 साल की उम्र में ही उन्होंने तैराकी की शुरुआत कर दी थी. तब से लेकर अब तक यह सिलसिला जारी है. उन्होंने बताया कि देसी खानपान और अनुशासित जीवन शैली से ही यह संभव हो पाया है. उन्होंने आज तक अपने जीवन में फास्ट फूड का स्वाद नहीं चखा है.
उन्होंने बताया कि एक बार उन्होंने गंगा नदी को ही पार किया था. अपनी तैराकी की क्षमता के चलते वह तीन लोगों की जान भी बचा चुकी हैं. वह कहती हैं कि देसी जीवनशैली को अपनाकर आज के समय में बीमारियों से लड़ा जा सकता है. वह गेहूं का आटा अलग से पिसवाती हैं और पोते के साथ मिलकर अलग खाना बनाती हैं.
वीडियो हुआ वायरल
हाल ही में उनके पोते चिराग ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था जिसमें दादी नदी में तैराकी करती और व्यायाम करती दिखाई दीं. वह वीडियो रातों- रात वायरल हो गया और लोगों ने दादी के जज्बे की भरपूर सराहना की. वहीं, उनके बेटे संदीप ने बताया कि वह आज भी अपनी मां को देसी खाना ही देते हैं. उनके लिए अलग से घर में गेहूं बोया जाता है. पोते का खाना भी अलग से तैयार किया जाता है.
