चंडीगढ़ | हरियाणा में पश्चिमी मौसम प्रणाली का असर साफ दिख रहा है. कभी तेज चमचमाती धूप तो कभी बादलवाई देखने को मिल रही है. सुबह और शाम ठंडी तेज हवाओं ने मौसम सुहावना बना दिया है. कल राज्य के अधिकतर स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने आज और कल राज्य के कई इलाकों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि होने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जताई है.
मौसम विभाग के अनुसार, पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और तेज धूल भरी आंधी की संभावना है. वही कैथल, करनाल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल और फरीदाबाद में भी तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना है.
आगे जाने मौसम का हाल
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार पश्चिमी मौसम प्रणाली का असर हरियाणा और एनसीआर में दिख सकता है. इस दौरान 30 और 31 मार्च को कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इसके साथ गरज- चमक, बिजली गिरने और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है.
एक नया पश्चिमी विक्षोभ 2 अप्रैल से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर बर्फबारी करेगा. इसका असर मैदानी राज्यों खासकर हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में 3 से 5 अप्रैल के दौरान एक बार फिर मौसम में बदलाव होगा. कुल मिलाकर अभी मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा.
किसान फसलों का रखें बचाव
मंडियों में सरसों की खरीददारी बढ़ रही है और खेतों में गेहूं की फसल पक कर तैयार है. ऐसे में बूंदाबांदी से फसलों को नुकसान हो सकता है. तेज रफ्तार की हवाएं गेहूं की फसल को गिरा सकती है जिससे उत्पादन पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है. ऐसे में किसानों को सलाह है कि खेतों में पकी फसल को निकालकर स्टोर करने का प्रबंध करें.
