हिसार | हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन लाल खीचड़ ने ताजा मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया कि मानसून टर्फ की उत्तरी सीमा अब फिरोजपुर, करनाल, मुरादाबाद, जलपाइगुड़ी, उत्तर- पूर्व अरुणाचल प्रदेश से हिमालय की तलहटी के आसपास स्थित है. एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड के आसपास बना हुआ है. इस वजह से मानसून की गतिविधियां उत्तर हरियाणा को छोड़कर दक्षिणी और पश्चिमी जिलों में 9 अगस्त तक थोड़ी कम बनी रहने के आसार हैं.
उत्तर हरियाणा के जिलों में हवाओं और गरज चमक के साथ कहीं- कहीं हल्की से मध्यम बरसात हो सकती है, जबकि दक्षिणी और पश्चिमी जिलों में कहीं- कहीं हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है.
10 अगस्त से फिर सक्रिय होगा मानसून
डॉ. खीचड़ ने बताया कि 10 अगस्त से मानसून टर्फ के नीचे आने से राज्यभर में बरसात की गतिविधियों में इजाफा देखने को मिलेगा. खासकर 10 अगस्त की रात से 12 अगस्त के बीच राज्य के अधिकतर इलाकों में अच्छी खासी बारिश दर्ज की जा सकती है. इस दौरान वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ेगी और दिन के तापमान में भी थोड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.
मौसम विभाग द्वारा आज जिन 15 जिलों में बरसात की संभावना जताई गई है, उनमें पंचकूला, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूंह शामिल हैं. इनमें पलवल और नूंह में ज्यादा बरसात होने के आसार हैं, जबकि बाकी जिलों में हल्की बारिश की संभावना है.
9 अगस्त को फिर बदलेगा मिजाज
मौसम विभाग का कहना है कि आज 08 अगस्त को 7 जिलों जींद, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, रोहतक, भिवानी और चरखी दादरी में मौसम सामान्य रह सकता है. कल 9 अगस्त को पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, मेवात, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ में 25 से 50% हिस्सों में बारिश हो सकती है. अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, रोहतक, झज्जर, चरखी दादरी, भिवानी, हिसार और फतेहाबाद के 25% क्षेत्रों में भी बारिश की संभावना जताई गई है.
