हिसार, Haryana Mausam News | बुधवार देर शाम हरियाणा में मौसम ने अचानक करवट ली. तेज आंधी के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया. चारों ओर धूल के गुब्बार छा गए. लोग जहां थे वहीं ठहरने को मजबूर हो गए. पश्चिमी हवाओं से लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन साथ ही भारी परेशानी भी झेलनी पड़ी. यमुनानगर, कैथल, कुरुक्षेत्र और पंचकूला में बारिश हुई, जबकि पिहोवा में ओले गिरने की खबरें सामने आईं. लगभग 45 मिनट तक 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं.
हादसों में 5 की मौत
तेज हवाओं से कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे काफी नुकसान हुआ. इस दौरान एक महिला और दो नाबालिगों की मौत हो गई. कैथल में ट्रैक्टर- ट्रॉली के पास से गुजरते समय दो मोटरसाइकिलें आमने- सामने भिड़ गईं. हादसे में दो नाबालिग ट्रैक्टर के नीचे आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. दूसरी मोटरसाइकिल पर सवार नाबालिगों को गंभीर चोटें आई हैं.
पानीपत के अर्जुन नगर में मकान की छत गिरने से 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई और उसका 17 वर्षीय पोता घायल हो गया. साईं कॉलोनी में छत गिरने से 40 वर्षीय शिव गंगा और महावीर कॉलोनी में 50 वर्षीय सतपाल घायल हो गए. फतेहाबाद के टोहाना में डांगरा रोड पर पेड़ गिरने से बाइक सवार घायल हो गया.
जिलेवार इतना हुआ नुकसान
पानीपत में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ जहां 800 खंभे गिरे और 350 पेड़ उखड़ गए. जींद में 90 खंभे गिरे और 150 पेड़ उखड़े. कैथल में 140 खंभे गिरे जबकि 95 पेड़ उखड़ गए. कुरुक्षेत्र में 3 खंभे गिरे और 5 पेड़ उखड़े. यमुनानगर में 10 खंभे गिरे और 20 पेड़ उखड़े. अंबाला में 31 खंभे गिरे और 5 पेड़ उखड़े. करनाल में 15 खंभे गिरे और 10 पेड़ उखड़े. वहीं, रोहतक में 1 खंभा गिरा और 25 पेड़ उखड़ गए.
