गुरुग्राम | हरियाणा की मनोहर सरकार (Haryana Govt) परिवहन व्यवस्था को निर्बाध रूप से जारी रखने और ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए नए हाइवे और एक्सप्रेसवे का जाल बिछा रही है. इसी कड़ी में करोड़ों रुपए की लागत से गुरुग्राम- रेवाड़ी हाइवे का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है. उम्मीद है कि इसी साल यह हाइवे बनकर तैयार हो जाएगा.
आसान होगा सफर
बता दें कि इस हाइवे का निर्माण कार्य पिछले साल के आखिर तक पूरा होना था लेकिन कुछ अन्य प्रोजेक्ट इसमें जुड़ने के कारण हाइवे निर्माण में देरी हो रही है. वहीं, इस हाइवे का निर्माण कार्य पूरा होने पर वाहन चालकों का सफर बेहद आसान हो जाएगा. इस हाइवे के निर्माण से न सिर्फ रेवाड़ी, बल्कि हरियाणा के अन्य शहरों के साथ- साथ राजस्थान और दिल्ली तक आवागमन भी सरल हो जाएगा.
900 करोड़ रूपए खर्च होने का अनुमान
फिलहाल, गुरुग्राम से रेवाड़ी जाने के लिए वाहन चालकों को दिल्ली- जयपुर (NH- 48) हाइवे का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे इस हाइवे पर ट्रैफिक दबाव बढ़ने से अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए गुरुग्राम- रेवाड़ी सिंगल लेन सड़क मार्ग को 2021 में फोरलेन हाइवे में तब्दील करने का काम शुरू किया गया था.
46 किलोमीटर लंबे इस इस हाइवे का 6 Km लंबा हिस्सा ग्रीनफील्ड होगा. इस हाइवे पर करीब 20 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण भी होगा. इतना ही नहीं, इस हाइवे पर वाहन चालकों को इंटरचेंज की सुविधा भी मिलेगी. लगभग 900 करोड़ रूपए की अनुमानित लागत से बनने वाले इस हाइवे का 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और मार्च 2024 तक इस हाइवे पर वाहनों का आवागमन शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है.
हाइवे के फायदे
इस हाइवे के निर्माण से न केवल गुरुग्राम से रेवाड़ी का सफर आसान होगा, बल्कि रोहतक और झज्जर जाने वालों को भी इसका लाभ मिलेगा. इस हाइवे को द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ- साथ कुंडली- मानेसर- पलवल एक्सप्रेसवे (KMP Expressway) से भी जोड़ा जा रहा है. इसके बाद, वाहन चालक आसानी से दिल्ली, जयपुर और रोहतक का सफर कर सकेंगे.
इसके अलावा, द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ लगते क्षेत्र के लोगों को जयपुर जाने के लिए खेड़की दौला नहीं जाना पड़ेगा. उन्हें पटौदी रोड़ या बसई से ही गुरुग्राम- रेवाड़ी हाइवे पर चढ़ने की सुविधा मिलेगी.
