चंडीगढ़ | हरियाणा में अब NCR क्षेत्र में शामिल निर्माण स्थलों, स्टोन क्रशर व खनन कार्यों में लगे मजदूरों के लिए बिल्डरों और परियोजना संचालकों को सामुदायिक रसोई का निर्माण करना होगा. इसके अलावा, सर्दी से बचाव के लिए इन्हें हीटर और गर्म पानी समेत अन्य जरूरी सुविधाएं भी देनी होगी.
करना होगा हीटरों का प्रबंध
इसी तर्ज पर अब सभी रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को भी अपने यहाँ के सिक्योरिटी गार्ड, सफाई कर्मचारी, माली और बाकी कर्मचारियों के लिए हीटर का प्रबंध करना होगा. निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को प्रदूषण नहीं फैलाने वाले ईंधनों के इस्तेमाल की भी अनुमति प्रदान की गई है. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों, झुग्गी- झोपड़ियों और बस्तियों के निकट सामुदायिक स्थलों पर सामाजिक और गैर सरकारी संगठनों की मदद से हीटर समेत अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध करवाए जा सकते हैं.
20 दिसंबर तक करें आवेदन
इस विषय में सुप्रीम कोर्ट द्वारा आदेश भी जारी किए जा चुके हैं. एनसीआर क्षेत्र में ग्रैप- 4 की पाबंदियां लागू होने से निर्माण कार्य बाधित हुआ है और इससे प्रभावित पंजीकृत श्रमिक आर्थिक सहायता के लिए 20 दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं. जो श्रमिक प्रदूषण के चलते लगी लागू हुई पाबंदियों से प्रभावित हुए हैं, उन्हें सरकार द्वारा हर सप्ताह 2539 रुपए दिए जाएंगे. बता दें कि NCR के 14 जिलों में वर्तमान में पौने 2 लाख श्रमिकों को गुजारा बता दिया जा रहा है. यह राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है.
