चंडीगढ़ | हरियाणा विधानसभा (Haryana Vidhansabha Budget) का बजट सत्र आयोजित हो रहा है. इस सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में एक नई परम्परा की शुरुआत हो गई है. अब बजट सत्र के दौरान आयोजित होने वाले शून्यकाल के दौरान एक विधायक 5 मिनट तक सदन में अपनी बात रख सकेगा, जबकि पहले यह समय मात्र 3 मिनट ही था और इसमें से भी आधा समय बात शुरू करने अथवा आपसी बहसबाजी में ही निकल जाता था.
बात रखने के लिए मिलेगी 5 मिनट
विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने बताया कि वर्तमान में शून्यकाल के दौरान विधायक को बोलने के लिए 3 मिनट का समय देने का नियम था, लेकिन इतने कम समय में विधायक अपने हल्के की बात को पूरी तरह से नहीं रख पाते थे. संसदीय कार्यप्रणाली के सुधार में विधायकों द्वारा अब पांच मिनट तक अपनी बात रखने की नई प्रथा की शुरुआत की जा रही है.
अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने सदन में प्रस्ताव रखा कि बजट सत्र की अवधि अन्य सत्रों के मुकाबले ज्यादा लंबी होती है. इसलिए आज बजट सत्र के दौरान आयोजित होने वाले शून्यकाल के दौरान प्रत्येक विधायक को अपनी बात सदन में रखने के लिए 5 मिनट का समय दिया जाएगा.
सभी विधायकों ने जताई सहमति
उन्होंने कहा कि बजट सत्र के अलावा अन्य विधानसभा सत्र कम अवधि के होते हैं. सामान्य सत्रों के दौरान विधायकों द्वारा सीधे किसी विषय पर बात रखने की बजाए लिखित नोटिस के माध्यम से अपना विषय रखा जाएगा. विधायक का लिखित नोटिस केवल विषय से संबंधित होगा और विधायक इस नोटिस के बाहर कोई बात विधानसभा में नहीं करेगा. उनके इस प्रस्ताव पर सदन में सभी विधायकों ने सहमति जताई और सोमवार से नई संसदीय परंपरा की शुरुआत हो गई है.
