चंडीगढ़ | देशभर के लाखों लोग प्रतिदिन राजमार्गों की सहायता से अपने डेस्टिनेशन तक पहुंचते हैं. इस दौरान उन्हें टोल टैक्स से होकर भी गुजरना पड़ता है. अगर आप भी इसी प्रकार राष्ट्रीय राजमार्ग से होते हुए टोल टैक्स चुका कर गुजरते हैं और टोल टैक्स में लगने वाली लंबी लाइनों से परेशान हैं, तो अगले महीने से लागू होने वाला यह नया नियम आपकी बड़ी समस्या का समाधान कर देगा.
GNSS सिस्टम होगा लागू
सरकार ग्लोबल नेवीगेशन सेटेलाइट सिस्टम (GNSS) पर काम कर रही है, जिसके आधार पर सिस्टम यह ट्रैक कर लेगा कि आपकी गाड़ी ने नेशनल हाईवे पर कितनी दूरी तय की है. उसी हिसाब से आपको टोल टैक्स देना होगा. 1 मई 2025 से इसे देशभर में लागू किया जाएगा. हालांकि, शुरुआती तौर पर पहले प्रोजेक्ट के रूप में इसे लागू किया जाएगा. उसके बाद, धीरे- धीरे पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा. इस सिस्टम के तहत, गाड़ी में ऑन बोर्ड यूनिट या डिवाइस लगाई जाएगी, जो जीपीएस ट्रैकर की तर्ज पर काम करेगा. सेटेलाइट के माध्यम से आपकी गाड़ी कहां और जा रही है.
कैसे करेगा सिस्टम काम
इसी प्रकार जब आप हाईवे पर सफर करेंगे, तो यह पता लग जाएगा कि आपकी गाड़ी की मूवमेंट कितनी हुई है. तय दूरी के हिसाब से ही टोल टैक्स की राशि को आपके खाते से काट लिया जाएगा. प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के विकल्प पर यह काम करेगी. सरकार की मंशा है की धीरे- धीरे फ़ास्ट टैग को हटा दिया जाए. शुरुआती तौर पर GNSS और फ़ास्ट टैग दोनों को साथ- साथ चलाया जा सकता है. आगे चलकर सिर्फ GNSS प्रणाली ही काम में लाई जाएगी. इससे लोगों के समय की बचत होगी और टोल प्लाजा पर रुकने में होने वाली परेशानी भी दूर हो जाएगी.
