हरियाणा में संस्कृति से जुड़े सवालों में उलझें परीक्षार्थी, कई बार प्रश्न पढ़ने के बाद भी नहीं समझ पाए अर्थ

चंडीगढ़ | हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC)  की तरफ से 26 व 27 जुलाई को संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी) का आयोजन किया गया. इस परीक्षा ने एक बार फिर से प्रदेश के युवाओं को अपनी ही संस्कृति, विरासत और गणित ने उलझाकर रख दिया. रविवार को हुई परीक्षा के दूसरे दिन का प्रश्नपत्र शनिवार के पहले सत्र की तुलना में सरल बताया गया मगर हरियाणा सामान्य ज्ञान और गणित के कुछ सवाल ऐसे थे जिन्होंने अभ्यर्थियों को पसीना ला दिया.

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सवालों से परेशान हुए युवा

इन सवालों को देखकर परीक्षार्थी उलझ गए. अभ्यर्थियों का कहना था कि जहां विज्ञान, कंप्यूटर और हिंदी जैसे विषय राहत देने वाले रहे वहीं हरियाणा की लोक संस्कृति, परंपरा, त्योहारों और ऐतिहासिक धरोहरों से जुड़े सवालों ने उन्हें परेशानी में डाल दिया. सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि हरियाणा के ही युवाओं की अपनी मातृभूमि से जुड़े सवालों में ज्यादा सवाल गलत हुए.

सवालों की भाषा जटिल

परीक्षा देकर बाहर आए कई अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्न मुश्किल नहीं थे मगर उनकी भाषा कठिन थी. समझने में वक़्त लग रहा था और कई बार सवाल का आशय ही नहीं समझ आ रहा था. विशेष तौर पर हरियाणा की संस्कृति से जुड़े सवालों की भाषा इतनी अलग थी कि कई परीक्षार्थी सवाल को पढ़ने के बाद भी उसका अर्थ नहीं समझ पा रहे थे.

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इस विषय पर गंभीरता नहीं दिखाते अभ्यर्थी

जो अभ्यर्थी लंबे वक्त से तैयारी कर रहे है उन अभ्यर्थियों का भी मानना है कि हरियाणा की संस्कृति से जुड़े प्रश्न विद्यार्थियों के लिए हर बार की तरह इस बार भी चुनौती बने. इसके बावजूद, यह विषय स्थानीय स्तर पर सबसे ज्यादा पूछा जाता है. अभ्यर्थी इस भाग पर उतनी गंभीरता से ध्यान नहीं देते जितना मणित या विज्ञान पर फोकस किया जाता है.

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Deepika Bhardwaj
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मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. पिछले साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar वेबसाइट पर राइटर का काम कर रही हूँ. मैं यहाँ हरियाणा व दिल्ली में निकली सरकारी और प्राइवेट नौकरी से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हूँ.