चंडीगढ़ | वर्तमान में हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है. इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तरफ से ऐलान किया गया कि सीईटी करेक्शन पोर्टल 1- 2 दिन में ओपन हो जाएगा. कांग्रेस विधायक शीश पाल केहरवाला के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर उत्तर देते हुए सीएम ने कहा कि करेक्शन पोर्टल पर अभ्यर्थियों को अपनी गलती सुधारने के लिए पर्याप्त वक़्त दिया जाएगा.

परीक्षार्थियों को हुई यह समस्या
केहरवाला ने कहा कि सीईटी में 26 जुलाई की सुबह और 27 जुलाई की शाम की शिफ्ट में पेपर का स्तर यूपीएससी लेवल का था जबकि 26 की शाम और 27 की सुबह का पेपर उनकी अपेक्षा बेहद सरल माना गया और जो इक्वल ऑपचुर्निटीज से बिल्कुल मेल नहीं खाता. महेंद्रगढ़, नारनौल, सिरसा, सूरजकुंड में बायोमीट्रिक की परेशानी झेलनी पड़ी. सरकार को इस विषय पर स्थिति साफ करनी चाहिए ताकि अभ्यार्थी सोशल मीडिया पर चल रही किसी भ्रामक स्थिति के शिकार न बने.
सुव्यवस्थित तरीके से हुआ सीईटी: CM
इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जवाब दिया व कहा कि राज्य में पहली बार इतनी सुव्यवस्थित तरीके से सीईटी परीक्षा आयोजित हुई है, जिसमें किसी भी अभ्यर्थी को कोई समस्या नहीं आई. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परीक्षा के लिए कुल 13,48,893 अभ्यर्थियों द्वारा रजिस्ट्रेशन करवाया गया था तथा 12,46,497 ने परीक्षा में हिस्सा लिया. ऐसा पहली बार है जब करीबन 92 फीसदी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए हैं.
पहली शिफ्ट में आई थी थोड़ी समस्या
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कहना है कि 26 जुलाई 2025 को मॉर्निंग शिफ्ट के दौरान कुछ परीक्षा केंद्रों पर इंटरनेट की समस्या की वजह से बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन में दिक्क़त आई थी, जिसे परीक्षा शुरू होने से पहले ही सुलझा लिया गया. चारों सत्रों की परीक्षा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न करवाई गई है. उन्होंने कहा कि अगर कुछ अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक की दिक्क़त रह गई होगी, तो उनके लिखित परीक्षा परिणाम आयोग द्वारा परीक्षा के दौरान ली गई फोटो और CCTV फुटेज के मिलान एवं बायोमीट्रिक सत्यापन प्रक्रिया के बाद जारी किए जाएंगे.
नॉर्मलाइजेशन के लिए दी गई सूचना
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई परीक्षा एक से ज्यादा सत्रों में आयोजित होती है, तो कठिनाई के लेवल में इस प्रकार की विविधता आना स्वाभाविक होता है. इस विविधता को दूर करने के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा सीईटी 2025 (ग्रुप ग) के लिए सार्वजनिक नोटिस 11.7.2025 के जरिये नॉर्मलाइजेशन का फामूला लागू करने वाले सभी संबंधितों को पहले ही सूचना दे दी गई है.
नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला
यह भी सूचित किया गया कि साल 2022 में सीईटी जो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने आयोजित की गई थी, उसमें भी हिदायत के मुताबिक नॉर्मलाइजेशन का फामूला सुचारू रूप से लागू किया गया था. केंद्र सरकार की विभिन्न संस्थाओं जैसे की यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन, रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड, इंस्टीट्यूट आफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन द्वारा आयोजित की जाने वाली विभिन्न परीक्षाओं में भी नॉर्मलाइजेशन का फामूला लागू किया जाता है, जो कि सुप्रीम एवं हाई कोर्ट द्वारा भी वैलिड है.