चंडीगढ़ | हरियाणा में गन्ना उत्पादक किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. यहां प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों में आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी. इससे उनकी रिकवरी बढ़ाकर घाटे को कम किया जा सकेगा. कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने शनिवार को गन्ना नियंत्रण बोर्ड की बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि पैदावार को बढ़ाने के लिए किसानों को गन्ने की बुआई के लिए नई तकनीक का उपयोग करना होगा और इसके लिए किसानों को जागरूक किया जाए.
भाव में बढ़ोतरी का मिलेगा तोहफा
सूबे की नायब सैनी सरकार नए पिराई सत्र के लिए गन्ने का भाव दिवाली से पहले तय करने की तैयारी में है. सूत्रों का कहना है कि इस बार गन्ने का रेट 15 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाए जा सकते हैं. अभी गन्ने का भाव 400 रुपए प्रति क्विंटल है. केंद्र सरकार ने हाल ही में गन्ने के भाव में 15 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की हैं. अमूमन गन्ने का भाव जितना केंद्र सरकार बढ़ाती है, हरियाणा सरकार भी उतना ही बढ़ाती रही है. ऐसे में नए पिराई सत्र के लिए गन्ने का भाव 415 रुपए प्रति क्विंटल किया जा सकता है.
कृषि मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक
भाव में बढ़ोतरी को लेकर दो दिन पहले गन्ना बोर्ड का गठन किया गया है. चंडीगढ़ में इसकी बैठक हुई थी और इसमें कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि केंद्रीय किस्म विमोचन समिति की ओर से उतर- पश्चिम क्षेत्र के लिए गन्ने के बीज की जो किस्में रिलीज की जाएंगी, वो राज्य सरकार द्वारा भी मान्य होंगी. इनके लिए हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से अलग से मान्यता लेने की जरूरत नहीं होगी. इस बैठक में सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए थे.
