हिसार | हरियाणा के हिसार जिले से एक अच्छी खबर सामने आई है. नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने प्रस्तावित रिंग रोड के लिए ड्रोन सर्वे करवाकर रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है. वहां से मंजूरी मिलने के बाद NHAI की ओर से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. इस रिंग रोड के निर्माण पर 1900 करोड़ रुपये की लागत राशि खर्च होने का अनुमान जताया गया है.
वर्तमान में चंडीगढ़ रोड से सिरसा रोड, सिरसा रोड से राजगढ़ रोड के बीच बाईपास बना हुआ है. राजगढ़ रोड़ से दिल्ली रोड और दिल्ली रोड से चंडीगढ़ रोड के बीच बाईपास नहीं है. पिछले कुछ सालों से इस बाईपास के निर्माण की मांग की जा रही है. अगर ये बाईपास बन जाते हैं, तो शहर के चारों तरफ से एक रिंग बन जाएगी. इसके बनने से जो वाहन खासकर भारी वाहन शहर के बीच से होकर जाते हैं, उन्हें शहर में दाखिल नहीं होने पड़ेगा. वे इस रिंग रोड के माध्यम से शहर में दाखिले हुए बिना आगे बढ़ सकेंगे.
ड्रोन सर्वे के हुए थे आदेश
स्थानीय अधिकारी की ओर से रिंग रोड की सर्वे रिपोर्ट व एस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए मुख्यालय भिजवा दिए गए थे. मगर मुख्यालय ने इस पर कुछ आपत्ति लगाई थी. मुख्यालय ने रिंग रोड की ड्रोन से सर्वे की रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए थे. इसके बाद, स्थानीय अधिकारी ने ड्रोन से इस रिंग रोड का सर्वे करवाया है.
हिसार रिंग रोड का रूट
करीब 40 किलोमीटर लंबा यह रिंग रोड NH- 52 राजगढ़ रोड से शुरू होकर NH-9 से होते हुए तलवंडी राणा के पास NH- 52 पर खत्म होगा. यह रोड कैमरी, भगाना, लाडवा, मैय्यड़, खरड़, नियाणा, मिर्जापुर व धांसू गांव से होकर गुजरेगा.
साउथ बाईपास से गुजरते हैं भारी वाहन
रिंग रोड नहीं होने के चलते भारी वाहन साउथ बाईपास से गुजरते हैं. रिंग रोड बनने के बाद राजस्थान से दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहन शहर में प्रवेश किए बगैर बाहर से ही चले जाएंगे. इससे शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा. इसके बनने शहर के आसपास के क्षेत्र में भी विकास कार्य होंगे और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा.
