चंडीगढ़ | केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की तरह ही हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) भी 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 2026-27 से ऑन-स्क्रीन मार्किंग लागू करने जा रहा है. इस नए फैसले से कॉपियां स्कैन होकर स्क्रीन पर चेक होंगी जिसमे मूल्यांकन तेज, सही और पारदर्शी बनेगा. माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बोर्ड के अधिकारियों और शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों ने पंचकूला में इसे लेकर एक बैठक की. मीटिंग के दौरान इसका खाका प्रस्तुत किया गया.
स्कूलों में होगी ऑन स्क्रीन मार्किंग की पूरी व्यवस्था
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तहत लागू करने की प्लानिंग की गई है. योजना के तहत सबसे पहले 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी और गणित विषयों की कॉपियों की डिजिटल स्क्रीन मार्किंग की जाएगी. इसके कामयाब रहने के बाद अन्य विषयों पर यह लागू होगा. कम खर्च और पूरी सुविधाएं होने पर भी योजना लागू की जाएगी. बोर्ड की योजना के मुताबिक स्कूलों में ऑन स्क्रीन मार्किंग की पूरी व्यवस्था की जाएगी.
प्रशिक्षित शिक्षकों को घर पर ऑन स्क्रीन मार्किंग करने की अनुमति
इसके लिए स्कूलों को जोन में बांटने के साथ जोन के आधार पर एडवांस कंप्यूटर लैब भी बनाई जाएगी. ट्रेनड टीचर को घर में ऑन स्क्रीन मार्किंग की आज्ञा रहेगी. स्कूलों में यदि शिक्षक के पास पढ़ाने के साथ खाली समय है तो वह ऑन स्क्रीन मार्किंग कर सकेंगे. सबसे पहले मैनुअल तरीके से कॉपी चेकिंग की अपेक्षा कम लागत और दूसरा स्कूलों में आवश्यकतानुसार मूलभूत सुविधाएं पूरी हो, इसके बाद ही इस योजना को ग्राउंड लेवल पर लागू किया जाएगा.
हरियाणा की बोर्ड परीक्षा में 10वीं और 12वीं में कुल 5.60लाख विद्यार्थी शामिल है. इनमें 12वीं कक्षा के 2.50 लाख विद्यार्थी है. 2023-24 को परीक्षा में एक लाख कापियों की ऑन स्क्रीन मार्किंग हुई थी. इसमें बोर्ड को 70 लाख रुपये का भुगतान करना पड़ा था जो काफी महंगा रहा था.
खर्च कम करने व पारदर्शिता के लिए हो रही कोशिश
फिलहाल एक कॉपी जांचने पर शिक्षक को 16 रुपये, सहायक जांचकर्ता को 2 रुपये, मुख्य परीक्षक को 2 रुपये, एफआर को 3 रुपये, टीए डीए, रिफ्रेसमेंट सहित अन्य खर्चे दिए जाते हैं. इसी खर्च को कम करने और कॉपियों की जांच को शीघ्र व पारदर्शी करने के लिए बोई ऑनस्क्रीन मार्किंग की तैयारी में जुटा हुआ है.
