अंबाला | हरियाणा अपने कृषि उत्पादन, परंपराओं और खानपान के साथ- साथ यहां के पुराने और जीवंत बाजारों के लिए भी जाना जाता है. राज्य के कई शहरों में ऐसे बाजार हैं जिनकी पहचान दशकों पुरानी है. सुबह से लेकर देर शाम तक इन बाजारों में खरीदारों की आवाजाही बनी रहती है और दुकानों पर मोलभाव की आवाजें सुनाई देती हैं. यहां के बाजार खरीदारी का साथ- साथ स्थानीय संस्कृति और व्यापारिक परंपरा की भी झलक देता है. कपड़ों से लेकर अनाज, मसाले, जूते-चप्पल और गहनों तक हर चीज के लिए अलग- अलग बाजार बने हुए हैं.
इन्हीं में से एक बाजार हरियाणा के अंबाला शहर में स्थित है जो अपने सर्राफा व्यापार के लिए दूर- दूर तक मशहूर है. इस बाजार की खास बात यह है कि यहां स्थानीय लोग लोगों के साथ- साथ आसपास के राज्यों से भी ग्राहक बड़ी संख्या में खरीदारी करने पहुंचते हैं.
हरियाणा में गहनों का बाजार
अंबाला का सर्राफा बाजार राज्य के सबसे व्यस्त और चर्चित बाजारों में गिना जाता है. यहां सोने- चांदी के आभूषणों की इतनी विविधता देखने को मिलती है कि ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार आसानी से चयन कर सकते हैं. हता दें कि यह बाजार खास तौर पर थोक व्यापार के लिए जाना जाता है. कई छोटे शहरों और कस्बों के ज्वेलर्स भी यहां से गहने खरीदकर अपने यहां बेचते हैं.
यहां मिलने वाले गहनों के डिजाइन लगातार बदलते ट्रेंड के अनुसार तैयार किए जाते हैं. पारंपरिक हार- कंगन से लेकर लेटेस्ट स्टाइल की ज्वेलरी तक… हर तरह की चीज यहां आसानी से मिल जाती है.
शादी के मौसम में बढ़ जाती है भीड़
अंबाला के इस बाजार में सामान्य दिनों में भी काफी चहल- पहल रहती है, लेकिन शादी- ब्याह के मौसम में यहां का नजारा बिल्कुल अलग होता है. मारेक्ट लोगों से खचाखच भरी रहती है. इन दिनों दुकानों के बाहर ग्राहकों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं. कई परिवार शादी के लिए पूरी ज्वेलरी सेट यहीं से खरीदते हैं. हरियाणा के अलावा यहां पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कई शहरों से भी लोग खास तौर पर इस बाजार में खरीदारी करने आते हैं. ऐसे में शादी के सीजन में यहां पैर रखने तक की जगह मुश्किल से मिलती है.
डायमंड ज्वेलरी के लिए भी पहचान
अंबाला का सर्राफा बाजार सोने- चांदी के लिए तो फेमस है ही लेकिन यहां डायमंड ज्वेलरी की भी अच्छी खासी मांग रहती है. जी हां, खासतौर पर डायमंड ईयररिंग्स और हल्के वजन की आधुनिक ज्वेलरी युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है. कई दुकानों पर ग्राहकों को अलग-अलग डिजाइन देखने और चुनने का मौका मिलता है. नई पीढ़ी के ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए दुकानदार भी समय- समय पर नए कलेक्शन बाजार में लाते रहते हैं, जिससे उनकी इच्छा जागती है.
करीब 500 दुकानों में कारीगरों की मेहनत
अंबाला के इस सर्राफा बाजार में करीब 450 से 500 के आसपास ज्वेलरी की दुकानें बताई जाती हैं. हर दुकान के पीछे कारीगरों की मेहनत और वर्षों का अनुभव छिपा होता है. यहां काम करने वाले कई कारीगर पीढ़ियों से इस पेशे से जुड़े हुए हैं. सोने- चांदी को पिघलाकर उसे खूबसूरत आभूषण का रूप देने में उन्हें खास महारत हासिल है. ग्राहकों की मांग के अनुसार डिजाइन तैयार करना भी इन कारीगरों की खासियत है.
पसंद के मुताबिक बनते हैं गहने
इस बाजार की एक और खास बात यह है कि यहां ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार गहने बनवा भी सकते हैं. अगर किसी को खास डिजाइन चाहिए या किसी पुराने गहने को नए रूप में तैयार कराना है, तो यहां के कारीगर वह काम भी आसानी से कर देते हैं. अंबाला का सर्राफा बाजार आज भी अपनी अलग पहचान बनाए हुए है और हर साल हजारों ग्राहक यहां से संतुष्ट होकर लौटते हैं.
