पानीपत | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से हरियाणा के बीच सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को सुपरफास्ट बनाने से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आई है. बता दें कि दिल्ली- पानीपत नमो भारत ट्रेन (RRTS) पर 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन संचालित होगी. इस प्रोजेक्ट पर 21 हजार करोड़ रुपए खर्च होने का अंदेशा जताया गया है.
जिला डीसी ने बुलाई समीक्षा बैठक
पानीपत जिला डीसी डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया ने इस संबंध में मंगलवार को विशेष समीक्षा बैठक बुलाई थी जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ परियोजना की गति, भूमि अधिग्रहण तथा प्रस्तावित स्टेशनों से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा करते हुए आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए गए.
उन्होंने बताया कि दिल्ली- पानीपत- करनाल नमो भारत कॉरिडोर के तहत पानीपत जिले में 4 स्टेशन प्रस्तावित है. इनमें समालखा स्टेशन, पानीपत ISBT सिवाह स्टेशन, पानीपत अंडरग्राउंड स्टेशन और सेक्टर- 18 (फ्यूचर) स्टेशन शामिल हैं. समालखा और पानीपत में रेलवे सर्विस स्टेशन के लिए भी भूमि चिह्नित की गई है.
सुपरफास्ट व आरामदायक सफर का मिलेगा अनुभव
RRTS डिप्टी चीफ इंजीनियर शाहाबाद आलम ने बताया कि दिल्ली- पानीपत- करनाल नमो भारत कॉरिडोर की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को सभी संबंधित राज्य सरकारें मंजूरी प्रदान कर चुकी है. केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भी इस परियोजना को मंजूरी दी जा चुकी है. इस कॉरिडोर को एक ही चरण में विकसित किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर जहां दिल्ली से करनाल के बीच परिवहन तंत्र को मजबूती मिलेगी. साथ ही, आर्थिक गतिविधियां भी रफ्तार पकड़ेगी.
इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी कार्यों को निर्धारित समय- सीमा में पूरा करने के लिए आपसी समन्वय स्थापित कर काम किया जाएगा. नमो भारत कॉरिडोर के पूरा होने से दिल्ली से करनाल के बीच फर्राटेदार सफर का अनुभव मिलेगा. जीटी रोड से ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिलेगी. तेज और आरामदायक यात्रा से लोगों के लिए राजधानी दिल्ली की आवाजाही बेहद आसान हो जाएगी. सड़कों की भीड़- भाड़ से दूर कम समय में सफर पूरा हो सकेगा.
