चंडीगढ़ | अब हरियाणा के सरकारी स्कूलों की सूरत जल्द बदलने वाली है. बता दें कि सरकार ने सरकारी स्कूलों की छोटी- मोटी मरम्मत और बुनियादी सुविधाओं को तुरंत सुधारने के निर्देश दिए है. इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सभी जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों, DPC और स्कूलों प्रमुखों को स्पष्ट आदेश दिए है कि वे ऐसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करें.
स्कूलों में पेयजल और सफाई की समस्या
शिक्षा विभाग द्वारा दी जानकारी में बताया गया है कि 19 फरवरी को आयोजित समीक्षा बैठक में कई स्कूलों में पेयजल, शौचालयों और सफाई व्यवस्था की खराब स्थिति सामने आई थी. इसके अलावा टूटी दीवारें, जर्जर बांउड्री, कूड़े के ढेर और जलभराव जैसी समस्याएं भी चिन्हित की गई. इन कमियों को दूर करने के लिए स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए गए है कि वे तुरंत समस्याओं की पहचान कर मरम्मत कार्य शुरू करवाएं. इन कार्यों का खर्च चाइल्ड वेलफेयर फंड से किया जा सकता है और इसके लिए मुख्यालय से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी.
यदि किसी स्कूल में फंड की कमी है तो वह अपना प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मुख्यालय को भेज सकते है. इसके साथ ही, जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को इन कार्यों की नियमित निगरानी करने और साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है.
मिलेगा साकारात्मक वातावरण
शिक्षा विभाग का मानना है कि अधिकतर कार्य छोटे स्तर के है और एक स्कूल में इन पर लगभग 1 लाख रूपए का खर्च आ सकता है. ऐसे में समय पर मरम्मत और सुधार से सरकारी स्कूलों का माहौल बेहतर होगा और विद्यार्थियों को अधिक सुविधाजनक वातावरण मिल सकेगा, इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर साकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और सरकारी स्कूलों में भरोसा मजबूत होगा.
