चंडीगढ़ | हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की तरफ से ग्रुप सी के विभिन्न पदों पर भर्ती की गई थी. इसके बाद आयोग ने फैसला लिया कि ग्रुप सी के पदों की वेटिंग लिस्ट जारी नहीं की जाएगी. आयोग के वेटिंग लिस्ट जारी न करने के फैसलों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में कई याचिकाओं के जरिए चुनौती दी गई हैं. ग्रुप सी पदों की भर्ती सीईटी लागू होने के बाद पहली बार की गई है. भर्ती के बाद हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने वेटिंग लिस्ट जारी नहीं की थी.
HSSC पर कोर्ट सख्त
बाद में आयोग ने मुख्य सचिव से वेटिंग लिस्ट जारी करने का तरीका पूछा. पहले तो मानव संसाधन विभाग के विशेष सचिव की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में वेटिंग लिस्ट जारी करने का तरीका आयोग को सुझा दिया. पर आयोग ने कहा कि इसे लागू करना मुमकिन नहीं है और फिर से मुख्य सचिव से एक संयुक्त मीटिंग बुलाने का आग्रह किया. मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने 07.01.2026 को मीटिंग कर वेटिंग लिस्ट जारी नहीं करने का निर्णय किया.
स्पीकिंग ऑर्डर जारी
इस मीटिंग की प्रोसीडिंग्स के आधार पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने उम्मीदवारों के प्रतिवेदनों का निपटान करते हुए वेटिंग लिस्ट जारी नहीं करने के स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर दिए. उम्मीदवारों की तरफ से अलग- अलग याचिकाएं दायर की गई व इन स्पीकिंग ऑर्डरों को चुनौती पेश की गई.
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने हाईकोर्ट में स्टैंड ले लिया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में वेटिंग लिस्ट जारी नहीं करने का निर्णय हो चुका है. हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को एक जिम्मेदार अफसर के माध्यम से जवाब दायर करने का लास्ट चांस दिया है.
हजारों उम्मीदवारों पर पड़ रहा आर्थिक दबाव
इसके साथ में यह भी साफ किया है कि यदि जवाब दाखिल नहीं किया जाता तो अदालत मुख्य सचिव के जवाब दाखिल करने के अधिकार को कम करने के लिए मजबूर हो जाएगी. गौरतलब है कि आयोग ने ग्रुप सी पदों के लिए वेटिंग लिस्ट जारी नहीं करने के पीछे एक मात्र आधार बता रखा है कि वेटिंग लिस्ट जारी करना सम्भव नहीं है.
मुख्य सचिव कार्यालय ने एक बार वेटिंग लिस्ट जारी करने का तरीका आयोग को बता रखा है. इससे हजारों अभ्यर्थी परेशान हैं, वे दो- दो बार कोर्ट में जा रहें है. इससे उम्मीदवारों पर आर्थिक दबाव भी पड़ रहा है.
