नई दिल्ली | देशभर में रविवार को NEET- UG 2026 की दोबारा परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित की गई. इस परीक्षा में 20 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया. इसके लिए देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में कुल 5440 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की गई. NTA के निर्धारित नियमों के अनुसार अभ्यर्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया. कई केंद्रों पर एक- दो मिनट की देरी से पहुंचने वाले छात्रों को भी एंट्री नहीं मिली जिस कारण कुछ अभ्यर्थियों की परीक्षा छूट गई.

परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही. केंद्रों पर छात्रों की सघन जांच की गई. कलावा, कान की बालियां, नोज पिन, लड़कियों के जूड़े, पैंट की चेन और शर्ट के बटन तक की जांच की गई. जूते और चप्पलों की भी तलाशी ली गई.
NEET-UG 2026 री- एग्जाम शांतिपूर्ण संपन्न
राजस्थान के अजमेर और गुजरात के अहमदाबाद में हिजाब पहनकर पहुंचीं कुछ छात्राओं को शुरुआत में प्रवेश से रोका गया, लेकिन परिजनों के विरोध और हंगामे के बाद उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी गई. NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने बताया कि परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुई. एजेंसी को अब तक पेपर लीक की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है.
किए गए विशेष इंतजाम
इस बार परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे. पहली बार भारतीय वायुसेना के विमान और हेलिकॉप्टरों की मदद से प्रश्नपत्र देशभर के विभिन्न जोन तक पहुंचाए गए. जानकारी के अनुसार, 200 से अधिक उड़ानों के जरिए प्रश्नपत्रों का सुरक्षित परिवहन किया गया. री-ए ग्जाम के लिए देशभर में 2 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी. NTA के मुताबिक, परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए 1,38,560 CCTV कैमरे लगाए गए. इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ियों और नकल को रोकने के लिए 51,311 जैमर भी लगाए गए.
छात्रों ने दी परीक्षा
परीक्षा के बीच तनावपूर्ण खबरें भी सामने आईं. परीक्षा के दबाव से जूझ रही दो छात्राओं ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली. हैदराबाद में 19 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी जबकि हरियाणा के हिसार में 19 वर्षीय छात्रा ने कीटनाशक पी लिया. दरअसल, 3 मई को आयोजित NEET- UG परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी. उसी के बाद NTA को यह री-एग्जाम कराना पड़ा.