महेंद्रगढ़ | हरियाणा के नारनौल में एक परिवार ने गाय के बछड़े के जन्म की खुशी में ऐसी रस्में निभाईं, जो आमतौर पर बेटे के जन्म पर की जाती हैं. पशुपालक जितेंद्र यादव ने गाय के बछड़े के जन्म पर छठी और कुआं पूजन कार्यक्रम कराया. बछड़े को भी परिवार के बच्चे की तरह इन रस्मों में शामिल किया गया. कुआं पूजन के दौरान महिलाओं ने मंगल गीत गाए और हवन- यज्ञ किया. खास बात यह रही कि बछड़े का छूछक भी जितेंद्र की ससुराल से आया.

ससुराल पक्ष के करीब 20 महिला- पुरुष छूछक लेकर पहुंचे. इसमें 21 हजार रुपए नकद के साथ गाय- बछड़े के लिए चारा, माला और चुनरी दी गई. परिवार के सदस्यों के लिए कपड़े भी लाए गए. कार्यक्रम में करीब 1 हजार लोगों के लिए देशी घी से बने भोजन की व्यवस्था की गई.
दो साल पहले खरीदी थी 6 माह की गाय
महेंद्रगढ़ जिले में राजस्थान सीमा से सटे क्षेत्र के किसान और पशुपालक जितेंद्र यादव ने करीब दो साल पहले साहीवाल और गिर नस्ल की मिक्स गाय खरीदी थी. उस समय गाय करीब 6 महीने की थी. जितेंद्र इसे राजस्थान के बहरोड़ के एक गांव से लेकर आए थे. इसके बाद उन्होंने गाय को बेटी की तरह पाला और उसकी खूब देखभाल की. जितेंद्र ने गाय का नाम मानू रखा है. करीब सात दिन पहले मानू ने एक बछड़े को जन्म दिया. परिवार ने उसका नाम मन्नू रखा. बछड़ा भी साहीवाल और गिर नस्ल का मिक्स है. उसके जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल था. जितेंद्र ने परिजनों से सलाह के बाद बछड़े की छठी बेटे की तरह मनाने का फैसला किया.
1 हजार लोगों को बुलाया
जितेंद्र ने बताया कि परिजनों ने छठी की रात कुआं पूजन करने की बात कही थी. इसके बाद, कार्यक्रम की तैयारी शुरू की गई. हलवाई बुक किए गए और करीब 1 हजार लोगों को न्योता दिया गया. घर की बहन- बेटियों को भी कार्यक्रम में बुलाया गया. इसके लिए बाकायदा कार्ड छपवाकर लोगों को भेजे गए. इस अनोखे आयोजन की इलाके में भी चर्चा रही.