नई दिल्ली | राजधानी में सड़कों के रखरखाव और मरम्मत कार्य में पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने नई व्यवस्था लागू की है. अब विभाग के सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए ड्यूटी के दौरान विभागीय जैकेट पहनना अनिवार्य होगा. वहीं, निजी एजेंसियों और ठेका कंपनियों के कर्मचारियों को भी ऐसी जैकेट पहननी होगी, जिस पर उनकी कंपनी के नाम के साथ प्रमुखता से PWD अंकित रहेगा.

कई बार आम लोगों के साथ- साथ विभागीय अधिकारियों को भी यह समझने में दिक्कत होती थी कि मौके पर काम कर रहे कर्मचारी पीडब्ल्यूडी के हैं या किसी निजी एजेंसी के. नई व्यवस्था लागू होने के बाद सरकारी और निजी दोनों श्रेणी के कर्मचारियों की पहचान तुरंत हो सकेगी.
एजेंसी की पहचान आसान
यदि किसी सड़क पर मरम्मत या रखरखाव कार्य की गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिलती है, तो मौके पर मौजूद कर्मचारी और संबंधित एजेंसी की पहचान आसानी से की जा सकेगी. इससे शिकायतों के निस्तारण और जिम्मेदारी तय करने में भी सुविधा होगी.
गुणवत्ता में सुधार
दिल्ली में पीडब्ल्यूडी के अधीन करीब 1,440 किलोमीटर लंबी सड़कें हैं, जिनका रखरखाव विभिन्न निजी एजेंसियों के माध्यम से कराया जाता है. विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से निगरानी व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी तथा सड़क मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा. इससे आम नागरिकों को बेहतर और अधिक जवाबदेह सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.