गुरुग्राम | कहते हैं कि प्यार में धोखा खाया हुआ इंसान या तो टूट जाता है, या फिर जिंदगी की एक नई राह चुन लेता है. गुरुग्राम के हेमराज दीवाना की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. हेमराज ने अपने टूटे हुए प्यार को आंसुओं में डुबोने के बजाय उसे चाय की खुशबू में बदल दिया. प्यार में मिली बेवफाई ने उसे जिंदगी का एक नया मकसद दे दिया और उसने एक छोटी- सी चाय की दुकान खोल ली, जिसका नाम रखा “बेवफा चाय”.

यह दुकान आज सिर्फ चाय की नहीं, बल्कि जज्बातों की कहानी बयां करती है. हेमराज बताते हैं कि उसने पहले अपने प्यार में भरोसे के साथ सब कुछ दे दिया था और कई सपने बुने थे, लेकिन जब धोखा मिला तो दुनिया अजीब लगने लगी.
बेवफा चाय
दिल टूटने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी बल्कि उस दर्द को अपनी ताकत बना लिया और उसी जज्बात से “बेवफा चाय” की शुरुआत की. आज वह हर कप चाय के साथ मुस्कान और अपनापन बांटने का दावा करता है. इस दुकान की सबसे अनोखी बात यह है कि यहां हर कप चाय में गुलाब की पत्तियां डाली जाती हैं. यह पत्तियां सिर्फ स्वाद के लिए नहीं बल्कि यह याद दिलाने के लिए हैं कि प्यार भले ही बेवफा हो जाए मगर उसकी खुशबू हमेशा बनी रहती है. यहां आने वाले ग्राहक सिर्फ चाय नहीं पीते बल्कि अपनी पुरानी यादों और जज्बातों से भी जुड़ते हैं.
कीमत भी स्पेशल
खास बात बता दें कि चाय की कीमत भी यहां दिल से तय की गई है. जो लोग प्यार में धोखा खा चुके हैं, उनके लिए एक कप चाय सिर्फ 10 रुपये की है जबकि प्रेमी जोड़ों को 15 रुपये चुकाने होते हैं. हेमराज कहते हैं कि टूटे दिल के साथ आने वाले को सुकून चाहिए, मुनाफा नहीं… वहीं जो प्यार में खुश है उससे थोड़ा ज्यादा लेने में कोई हर्ज नहीं. आज “बेवफा चाय” के नाम से गुरुग्राम में 3 से 4 दुकानें चल रही हैं, जो टूटे दिलों का एक अलग ठिकाना बन चुकी हैं. हेमराज की यह कहानी बताती है कि हौसला हो तो दर्द भी पहचान बन सकता है.