ज्योतिष डेस्क | हरियाली अमावस्या के दिन साल 2026 का अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. यह खगोलीय घटना कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में घटित होगी. हालांकि, यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए यहां इसका सूतक काल प्रभावी नहीं माना जाएगा. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण का प्रभाव केवल उसके दिखाई देने तक सीमित नहीं रहता. इसका असर प्रकृति, राजनीति, करियर और सभी 12 राशियों पर भी पड़ सकता है.

ज्योतिष के अनुसार, सूर्य ग्रहण का प्रभाव करीब 90 दिनों तक माना जाता है. इस दौरान कुछ राशियों के जातकों को करियर, धन और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. आइए जानते हैं किन राशियों के लिए यह ग्रहण शुभ माना जा रहा है.
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण तीसरे भाव में होगा. आने वाले तीन महीने नौकरी और कारोबार के लिहाज से अच्छे रह सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या आय बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं. व्यापारियों को नए प्रोजेक्ट और ग्राहकों से फायदा हो सकता है. आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ बचत के नए रास्ते खुलेंगे. संपत्ति से जुड़े मामलों में भी अनुकूल परिणाम मिलने के योग हैं.
कन्या राशि
कन्या राशि के लिए ग्रहण 11वें भाव में होगा, जिसे लाभ और इच्छापूर्ति का भाव माना जाता है. वरिष्ठ अधिकारियों और मित्रों का सहयोग मिल सकता है. काम की सराहना होगी और लक्ष्य पूरे होने के योग बनेंगे. घर या वाहन खरीदने की लंबे समय से चली आ रही योजना पूरी हो सकती है. अटके हुए काम भी गति पकड़ सकते हैं.
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि में यह ग्रहण नौवें भाव में होगा, जो भाग्य और धर्म से जुड़ा माना जाता है. अगले 90 दिन नौकरी और कारोबार के लिए लाभकारी रह सकते हैं. नौकरी में नए अवसर या बेहतर प्रस्ताव मिल सकते हैं. व्यापार विस्तार और नए संपर्कों से फायदा होगा. रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है और समाज में सम्मान बढ़ सकता है.
मीन राशि
मीन राशि के लिए सूर्य ग्रहण पांचवें भाव में होगा. यह भाव शिक्षा, प्रेम और सृजन से संबंधित माना जाता है. करियर में नई दिशा मिल सकती है और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को शुभ समाचार मिलने के संकेत हैं. विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल रह सकता है. परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और प्रेम संबंधों के साथ दांपत्य जीवन में भी मधुरता बढ़ सकती है.
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