चंडीगढ़ | पंजाब में BJP और शिरोमणि अकाली दल (बादल) के बीच गठबंधन को लेकर चल रही अटकलों पर हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी ने विराम लगा दिया है. उन्होंने साफ कहा कि दोनों दलों के बीच गठबंधन जैसी कोई बात नहीं है. दरअसल, 7 अगस्त को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल की मुलाकात के बाद BJP और अकाली दल के बीच गठबंधन की चर्चाएं तेज हो गई थीं. सियासी गलियारों में यह भी चर्चा थी कि हरियाणा के CM नायब सैनी दोनों दलों के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं.

सोमवार को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब मुख्यमंत्री नायब सैनी से पंजाब में BJP और अकाली दल के संभावित गठबंधन को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इन अटकलों को खारिज कर दिया. सैनी ने कहा, “प्रधानमंत्री से कोई भी मिल सकता है. गठबंधन जैसी कोई बात नहीं है. पीएम 140 करोड़ लोगों की समस्याएं सुनने के लिए हैं.”
CM सैनी ने दिया जवाब
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किसी नेता की मुलाकात को सीधे गठबंधन से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर पूछे गए सवाल पर नायब सैनी ने तंज कसते हुए कहा कि मान को तो सपने में भी नायब सैनी पंजाब में नजर आता है. बता दें कि इससे पहले भगवंत मान ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को लेकर निशाना साधते हुए कहा था, “हरियाणे दा मुख्यमंत्री पंजाब फिरदा रहंदा, ओथे हरियाणा च पेपर लीक करान आले गैंग बने फिरदे हैं.” हरियाणा के मुख्यमंत्री पंजाब में घूमते रहते हैं, जबकि हरियाणा में पेपर लीक कराने वाले गैंग सक्रिय हैं.
PM से मिले सुखबीर बादल
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात से पहले सुखबीर बादल ने चंडीगढ़ स्थित हरियाणा CM निवास ‘संत कबीर कुटीर’ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की थी. इसके बाद ही, सुखबीर बादल की प्रधानमंत्री से मुलाकात का रास्ता बना. बैठक में पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा-अकाली दल के संभावित गठबंधन, लोकसभा में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल को लेकर समर्थन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.
सुबह दिल्ली पहुंचे सुखबीर
अकाली दल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, हरियाणा CM सैनी ने प्रधानमंत्री मोदी से सुखबीर बादल की मुलाकात के लिए समय मांगा था. इसके बाद सुखबीर ने सैनी से मुलाकात कर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ भी बैठक की. सूत्रों के अनुसार, 6 अगस्त की रात करीब 11 बजे PMO से सुखबीर बादल को फोन आया और उन्हें 7 अगस्त को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए बुलाया गया. 7 अगस्त को दोनों नेताओं के बीच बैठक हुई. हालांकि, इस मुलाकात में क्या बातचीत हुई, इसे लेकर BJP और अकाली दल के नेताओं ने अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है.