पंचकूला । प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर की आंशका और डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच मेडिकल कोर्सेज की पढ़ाई कर रहे युवाओं को स्वास्थ्य विभाग में नई भर्ती की उम्मीद है लेकिन हरियाणा में इसके उलट हों रहा है. जानकारी सामने आई है कि प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग में कई पदों को खत्म करने की तैयारी है.
योजना शाखा ने प्रदेश में 333 मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर( MPHW) तथा 178 सुपरवाइजरों समेत विभिन्न वर्गों के 1500 से अधिक पदों को समाप्त करने के आदेश दिए हैं. आरटीआई से मिली जानकारी अनुसार फरीदाबाद में एमपीएचडब्ल्यू के 89, गुरुग्राम में 10, नारनौल में 10, भिवानी में 16, हिसार में 29, जींद में 16, अंबाला में 35, कुरुक्षेत्र में 8, पानीपत में 6, पंचकूला में 9, पलवल में 6 , रोहतक में 22 , रेवाड़ी में 4 , सिरसा में 34, सोनीपत में 27 और यमुनानगर में 11 पद खत्म किए जाने हैं.
इन पदों पर तैनात एमपीएचडब्ल्यू व स्वास्थ्य सुपरवाइजरों को दूसरे स्थानों पर समायोजित करने के लिए निदेशक स्वास्थ्य सेवा से मार्गदर्शन मांगा गया है. स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ ने इस फैसले का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को पत्र लिखकर पदों में कटौती करने का निर्णय तुरंत प्रभाव से वापस लेने की मांग की है.
संघ के प्रदेश अध्यक्ष राममेहर वर्मा ने बताया कि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार एमपीएचडब्ल्यू के 2700 पदों को बढ़ाकर 4283, स्वास्थ्य सुपरवाइजर के 630 से बढ़ाकर 825, लैब टेक्नीशियन के 212 से बढ़ाकर 602, सीनियर लैब टेक्नीशियन के 13 से 22 तथा फील्ड वर्कर के 537 से बढ़ाकर 1012 किए जाने चाहिए. इसके उलट निदेशालय की योजना शाखा पदों को घटाने के आदेश दे रही है. उन्होंने कहा कि विभाग के इस फैसले से हजारों बेरोजगार युवाओं की फौज खड़ी हो जाएगी. हमारी सरकार से मांग है कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाएं और पदों को समाप्त करने के निर्णय को वापस लिया जाए.
